डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: कोल्हान प्रमंडल के पुलिस उपमहानिरीक्षक अनुरंजन किस्पोट्टा मंगलवार को जमशेदपुर पहुंचे, जहां उन्होंने पूर्वी सिंहभूम जिले की कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को लेकर मैराथन बैठक की। पुलिस कार्यालय में आयोजित इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में डीआईजी ने कड़े तेवर दिखाते हुए पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शहर में सुरक्षा का माहौल दिखना चाहिए और अपराधियों में कानून का खौफ होना चाहिए।
गार्ड ऑफ ऑनर से हुआ स्वागत
शहर आगमन पर पुलिस के जवानों और अधिकारियों ने डीआईजी अनुरंजन किस्पोट्टा को गार्ड ऑफ ऑनर देकर औपचारिक स्वागत किया। इसके तुरंत बाद वे जिले के वरीय पुलिस अधिकारियों, डीएसपी और थाना प्रभारियों के साथ बैठक में शामिल हुए।
बैठक के मुख्य बिंदु और DIG के निर्देश
बैठक के दौरान डीआईजी ने हालिया आपराधिक घटनाओं और लंबित मामलों की बारीकी से समीक्षा की।
इन पर दिया विशेष जोर
अपराध पर जीरो टॉलरेंस: चोरी, लूट और छिनतई जैसी घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस को अधिक सक्रिय और सतर्क रहने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि संगठित अपराध में शामिल तत्वों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।
फेस्टिवल अलर्ट: आने वाले त्योहारों के मद्देनजर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए गए। भीड़भाड़ वाले इलाकों में पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने और असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखने को कहा गया है।
पेंडिंग केस और वारंटी: डीआईजी ने लंबित कांडों के त्वरित निष्पादन और लंबे समय से फरार चल रहे वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाने पर जोर दिया।
पब्लिक कनेक्टिविटी: थाना प्रभारियों को सलाह दी गई कि वे आम जनता के साथ बेहतर संवाद स्थापित करें, ताकि खुफिया सूचनाओं का आदान-प्रदान सुगम हो सके और पुलिस के प्रति लोगों का विश्वास बढ़े।
‘सुरक्षा का भाव ही प्राथमिकता’
डीआईजी ने साफ शब्दों में कहा कि पुलिस का मुख्य लक्ष्य आम नागरिक के मन में सुरक्षा की भावना पैदा करना है। उन्होंने ट्रैफिक प्रबंधन और नियमित गश्त को और अधिक प्रभावी बनाने का आदेश दिया। ताकि शहर की कानून-व्यवस्था चाक-चौबंद बनी रहे।

