बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जल्द ही दिल्ली की ओर रवाना होने वाले हैं। इससे पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बुधवार (8 अप्रैल) को अपनी आखिरी कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता करेंगे। जिसके बाद वे 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने के लिए नई दिल्ली रवाना होंगे। नीतीश कुमार का 9 अप्रैल को उनका दिल्ली जाने का कार्यक्रम है।
सभी विधायकों को पटना में रहने का निर्देश
सूत्रों के अनुसार, 8 अप्रैल को होने वाली कैबिनेट की बैठक नीतीश कुमार की आखिरी बैठक हो सकती है। इस दौरान एनडीए ने अपने सभी विधायकों को पटना में ही रहने का फरमान जारी किया है। सूत्रों की मानें तो एनडीए के सभी विधायकों को 12 अप्रैल से पटना में रहने को कहा गया है। उसके बाद अगले 72 घंटों में बिहार की सत्ता का स्वरूप पूरी तरह बदल सकता है।
10 अप्रैल को लेंगे राज्यसभा की सदस्यता
तय कार्यक्रम के अनुसार, नीतीश कुमार 8 अप्रैल को कैबिनेट की आखिरी बैठक करेंगे। 9 अप्रैल को दिल्ली जाएंगे, जहां वे जेडीयू की मीटिंग में शामिल होंगे। फिर देश के शीर्ष नेतृत्व (पीएम मोदी और अमित शाह) से मुलाकात करेंगे। 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने के साथ ही वे भारतीय राजनीति के उन विरले नेताओं में शामिल हो जाएंगे, जिन्होंने संसद और राज्य विधानमंडल के चारों सदनों (लोकसभा, राज्यसभा, विधानसभा और विधान परिषद) की सदस्यता का गौरव प्राप्त किया है।
सीएम पद से कब इस्तीफा देंगे नीतीश कुमार
11 अप्रैल को वे दिल्ली से वापस पटना आएंगे और फिर 12 या 13 अप्रैल को नीतीश कुमार विधानमंडल दल की बैठक बुला सकते हैं। नीतीश कुमार इस बैठक में मुख्यमंत्री पद छोड़ने के फैसले की जानकारी आधिकारिक तौर पर देंगे। उसके बाद नीतीश कुमार राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप देंगे। नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू होगी। एनडीए विधानमंडल दल नए नेता का चयन करेगा। राज्यपाल के पास विधिवत सरकार गठन के लिए प्रस्ताव जाएगा। उसके बाद नई सरकार का शपथ ग्रहण होगा।
पहली बार बिहार में होगा भाजपा का अपना सीएम
यह पहला मौका होगा जब बिहार में भाजपा का अपना मुख्यमंत्री होगा, हालांकि पार्टी पिछले दो दशकों से सत्ता में है। जाति से कुशवाहा समुदाय से ताल्लुक रखने वाले उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री पद के संभावित उम्मीदवारों में सबसे आगे हैं। अन्य संभावित नामों में केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय, भाजपा विधायक संजीव चौरसिया और राज्य के उद्योग मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल शामिल हैं। मुंगेर के तारापुर से विधायक सम्राट चौधरी को अमित शाह और नीतीश कुमार दोनों का करीबी माना जाता है।

