एबीएम कॉलेज में भारतीयता की अवधारणा विषय पर व्याख्यानमाला

Anupam Kumar
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जमशेदपुर। गोलमुरी स्थित एबीएम कॉलेज में आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम श्रृंखला के तहत ‘भारतीयता की अवधारणा’ विषय पर व्याख्यानमाला का आयोजन किया गया। उक्त व्याख्यानमाला में महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा महाराष्ट्र के गांधी और शांति अध्ययन विभाग के प्राध्यापक डॉ राकेश मिश्रा मुख्य अतिथि के रुप में शामिल हुए। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि भारत एक विविधता पूर्ण संस्कृति का नाम है। इसलिए भारतीयता की विविध और बहुरंगी अवधारणाएं हमें स्वीकार होनी चाहिए। भारतीय होने के कई मायने हो सकते हैं लेकिन सहिष्णुता, विविधता का आदर और सत्य को समाहित करने की उसकी क्षमता इसका मुख्य तत्व है। कार्यक्रम में स्वागत भाषण के क्रम में कॉलेज की प्राचार्या व कोल्हान विश्वविद्यालय मानविकी संकाय की डीन प्रोफेसर मुदिता चंद्रा ने कहा कि भारतीयता से तात्पर्य उस विचार या भाव से है, जिसमें भारत से जुड़ने का बोध होता है। व्याख्यानमाला के संयोजक व मैथिली विभागाध्यक्ष डॉ रवीन्द्र कुमार चौधरी ने विषय प्रवेश करवाते हुए कहा कि भारतीयता का प्रयोग राष्ट्रीयता को व्यक्त करने के लिए होता है। एक राष्ट्र के रूप में हम सब भारतीय हैं। मौके पर रोटरी क्लब आफ जमशेदपुर ईस्ट के डाइरेक्टर सर्विसेज विजय कोहली सम्मानित अतिथि के रूप में उपस्थित थे। कालेज के एनएसएस एवं हिन्दी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम का संचालन हिंदी विभाग के डॉ अवध बिहारी पुराण ने किया। दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। गणेश वंदना पर भाव नृत्य एनएसएस की स्वयंसेवक वैशाली श्रीवास्तव ने प्रस्तुत किया तथा लक्ष्मी कुमारी ने धन्यवाद ज्ञापन किया। इस मौके पर डॉ. बीएन ओझा, डॉ. जेपी नारायण, प्रो. बीपी महारथा, प्रो. डी द्विवेदी, डॉ एसके झा, डा अनुराधा कुमारी, डॉक्टर श्वेता भारती, डा सीडी मुंडा, डा अमलेश कुमार, सविता पॉल, पल्लवी श्री, राधेश्याम तिवारी अलावे काफी संख्या में शिक्षक व छात्र उपस्थित थे।

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