नीतीश कुमार के सीएम पद से हटते ही खत्म हो जाएगी शराबबंदी? क्या बोल रहे मुख्यमंत्री के करीबी

Neelam
By Neelam
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बिहार के मोतिहारी में जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद शराबबंदी कानून को लेकर सियासी घमासान चरम पर है। विपक्ष लगातार इस कानून की नाकामी पर सवाल उठा रहा है। ऐसे में अब यह सवाल भी उठने लगे हैं कि क्या नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने और राज्य में किसी नए मुख्यमंत्री के पदभार संभालने के बाद शराबबंदी कानून की समीक्षा की जाएगी या इसमें कोई संशोधन किया जाएगा? 

अशोक चौधरी के बयान का क्या है मतलब?

मोतिहारी में जहरीली शराब पीने से आठ लोगों की मौत के बाद इस कानून को लेकर सवाल तेज हो गए हैं। इसी बीच राज्य सरकार के मंत्री अशोक चौधरी ने बड़ा बयान दिया है। अशोक चौधरी ने साफ कहा कि नीतीश कुमार के सीएम पद से हटने के बाद शराबबंदी खत्म होगी या नहीं, इस पर अभी कुछ भी कहना मुश्किल है। उनके इस बयान को भविष्य में नीति में बदलाव के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

शराबबंदी कानून लागू रहेगा- श्रवण कुमार

नीतीश कुमार के करीबी सहयोगी और बिहार के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने स्पष्ट किया है कि बिहार में शराबबंदी महज एक कानून नहीं, बल्कि एक मिशन है। एक यूट्यूब चैनल से बातचीत में मंत्री श्रवण कुमार ने साफ किया कि नीतीश कुमार सत्ता में रहें या न रहें, उनके द्वारा लागू की गई जन-हितैषी नीतियां कभी वापस नहीं ली जाएंगी। उन्होंने कहा, ‘नीतीश कुमार जी द्वारा शुरू की गई एक भी पहल को खत्म नहीं किया जाएगा। शराबबंदी कानून भी लागू रहेगा। नीतीश कुमार के मॉडल और उनकी सोच ने बिहार में जो शांति और सुकून कायम किया है, उसे कोई मिटा नहीं सकता।’

शराबबंदी कानून से कोई समझौता नहीं- उमेश सिंह कुशवाहा

वहीं, जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, “सरकार इस घटना के प्रति संवेदनशील है। प्रशासन मामले को संभाल रहा है। कभी-कभार ऐसी घटना घट जाती है, विपक्ष को इतना तूल देने की जरूरत नहीं है। विरोधियों को घटना को बढ़ा-चढ़ाकर पेश नहीं करना चाहिए। बिहार में शराबबंदी कानून सख्ती से लागू रहेगा, इस पर कोई समझौता नहीं होगा।”

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