संगम नगरी प्रयागराज में आज से माघ मेला 2026 का शुभारंभ हो गया है। पौष पूर्णिमा के अवसर पर प्रथम स्नान के साथ शुरू हुआ यह धार्मिक मेला 15 फरवरी, महाशिवरात्रि तक चलेगा। अल सुबह चार बजे से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी लगानी शुरू कर दी।
संगम की ओर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
प्रथम स्नान पर्व के अवसर पर शहर से संगम क्षेत्र की ओर जाने वाली सभी प्रमुख सड़कों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई। मेला प्रशासन के अनुसार, आज के स्नान पर्व पर 25 से 30 लाख श्रद्धालुओं के संगम में स्नान करने का अनुमान है।
देर रात से ही सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद
श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने देर रात से ही सुरक्षा मोर्चा संभाल लिया था। महाकुंभ के दौरान हुई घटनाओं से सबक लेते हुए इस बार माघ मेले में विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
पुलिस कमिश्नर ने दी सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी
पुलिस कमिश्नर जोगिंदर कुमार ने बताया कि पूरे संगम और मेला क्षेत्र में चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है। सुरक्षा के लिए नागरिक पुलिस के साथ-साथ एसटीएफ, एसएसएफ और एटीएस की तैनाती की गई है। स्नान के दौरान किसी भी प्रकार की अनहोनी रोकने के लिए जल पुलिस को भी सक्रिय किया गया है।
ड्रोन और फ्लैग मार्च से निगरानी
मेला परिसर की निगरानी के लिए ड्रोन कैमरों की मदद ली जा रही है। वहीं, शुक्रवार की शाम संगम क्षेत्र में पुलिस बल द्वारा फ्लैग मार्च भी किया गया, ताकि सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया जा सके और श्रद्धालुओं में विश्वास बना रहे।
साधु-संतों और संस्थाओं के ठहरने की व्यवस्था
मेला क्षेत्र में 5,000 से अधिक धार्मिक संस्थाओं और साधु-संतों के ठहरने की व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए करीब 8 किलोमीटर लंबे स्नान घाट तैयार किए गए हैं। महिलाओं के लिए घाटों पर पर्याप्त संख्या में चेंजिंग रूम बनाए गए हैं।
खोया-पाया केंद्र को बनाया गया अधिक प्रभावी
महाकुंभ की तर्ज पर संगम नोज क्षेत्र में बिजली के खंभों पर विशेष नंबर अंकित किए गए हैं। यदि कोई श्रद्धालु अपने परिजनों से बिछड़ जाता है, तो वह खोया-पाया केंद्र में जाकर इन नंबरों के माध्यम से अपनी लोकेशन बता सकेगा।
निर्मल और अविरल जल की व्यवस्था
माघ मेलाधिकारी ऋषि राज ने बताया कि गंगा में स्नान के लिए ‘निर्मल और अविरल’ जल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। अधिकारियों ने स्वयं घाटों का निरीक्षण कर श्रद्धालुओं से फीडबैक भी लिया है, ताकि किसी प्रकार की कमी न रह जाए।
10 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती
एसपी माघ मेला नीरज पांडेय के अनुसार, मेले की सुरक्षा में कुल 10,000 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। मेला क्षेत्र में 17 थाने और 42 पुलिस चौकियां बनाई गई हैं। इसके अलावा एटीएस, एसटीएफ, बीडीएस और खुफिया एजेंसियां भी लगातार निगरानी कर रही हैं।
आपात स्थिति से निपटने की पूरी तैयारी
किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, फ्लड कंपनी पीएसी और प्रशिक्षित गोताखोरों की तैनाती की गई है। पूरे मेला क्षेत्र में 400 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनमें 200 एआई आधारित कैमरे शामिल हैं, जो भीड़ और यातायात नियंत्रण में मदद करेंगे।
स्वच्छता और सोशल मीडिया पर भी नजर
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 16,650 शौचालय बनाए गए हैं और 3,300 सफाई मित्र 24 घंटे तैनात रहेंगे। वहीं, माघ मेले को लेकर सोशल मीडिया पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की अफवाह फैलाने वालों पर समय रहते सख्त कार्रवाई की जा सके।
44 दिनों में 12 से 15 करोड़ श्रद्धालुओं की संभावना
44 दिनों तक चलने वाले माघ मेले में कुल 12 से 15 करोड़ श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना जताई गई है। प्रशासन का दावा है कि इस बार माघ मेला आस्था, सुरक्षा, स्वच्छता और आधुनिक तकनीक का बेहतर समन्वय प्रस्तुत करेगा।

