केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी के सलाहकार दानिश रिजवान ने राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव और के खिलाफ शिकायत दर्ज कराकर सियासी हलचल तेज कर दी है। उनका आरोप है कि तेजस्वी ने उनका पुराना वीडियो AI से एडिट करके पोस्ट किया और उनकी छवि खराब करने की कोशिश की है। दानिश ने पुलिस को शिकायत ई-मेल के जरिए भेजी है।
क्या है मामला ?
दरअसल दानिश रिजवान का एक वीडियो वायरल हो रहा है। यह वीडियो पहले राष्ट्रीय जनता दल के सोशल मीडिया अकाउंट से वायरल किया गया और फिर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के अकाउंट से पोस्ट किया गया। इस वीडियो में दिख रहा है कि दानिश रिजवान एक वर्दीधारी से पिस्टल लेकर हवाई फायरिंग कर रहे हैं। वीडियो के अनुसार माहौल शादी की तरह दिख रहा है। तेजस्वी यादव के अकाउंट पर इस वीडियो के साथ लिखा है कि, “पुलिस की पिस्तौल छिनकर खुलेआम फायरिंग करता यह शख्स केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी का राजनीतिक सलाहकार है। यही नहीं यह व्यक्ति सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार का भी एडवाइजर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस गुंडागर्दी पर क्या कहेंगे? यह छह: गोली किसकी छाती पर चल पर रही है मोदी जी? सरासर यह मोदी प्रदत्त गुंडागर्दी है। सम्राट चौधरी और नीतीश कुमार मुँह में दही जमाकर हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।”
केवल राजनीतिक हमला नहीं बल्कि डिजिटल छेड़छाड़ का मामला-दानिश
दानिश रिजवान का कहना है कि यह सिर्फ एक राजनीतिक हमला नहीं बल्कि डिजिटल छेड़छाड़ का मामला है, जिसमें तकनीक का दुरुपयोग कर उन्हें बदनाम किया जा रहा है। उन्होंने पुलिस को ई-मेल के जरिए शिकायत भेजते हुए कहा कि राष्ट्रीय जनता दल के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से यह कथित फर्जी वीडियो प्रसारित किया गया। इस वीडियो को लेकर उनका दावा है कि यह वास्तविक नहीं बल्कि AI आधारित मॉर्फिंग का नतीजा है।
मल्लिकार्जुन खरगे के खिलाफ भी शिकायत
‘हम’ के नेता ने फर्जी वीडियो वायरल किए जाने को लेकर भोजपुर साइबर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए ई-मेल के माध्यम से आवेदन दिया है। शिकायत में उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राजीव रौशन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। दानिश रिजवान ने स्पष्ट किया कि राजनीतिक लाभ के लिए फर्जी वीडियो वायरल करना अपराध है और इसके पीछे तेजस्वी यादव का हाथ है। उन्होंने इसे सुनियोजित साजिश बताते हुए दोषियों पर कार्रवाई की मांग की
जांच में जुटी पुलिस
पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। आरा सदर के एसडीपीओ को वायरल वीडियो की जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वीडियो को किसने और किस उद्देश्य से एडिट कर सोशल मीडिया पर फैलाया।
कौन हैं मांझी के सलाहकार दानिश रिजवान
दानिश रिजवान ने अपने करियर की शुरुआत एक पत्रकार के रूप में की थी। पत्रकारिता के कुछ दिनों बाद उन्होंने राजनीति की ओर रुख किया और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) से जुड़ गए। जीतन राम मांझी ने जल्द ही पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता बना दिया। बाद में पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में गिने जाने लगे। वर्तमान में उनके राजनीतिक सलाहकार के रूप में कार्यरत हैं।

