दो साल से अटके JPSC रिज़ल्ट पर मरांडी का हमला—“युवाओं का भविष्य बंधक, सरकार में मची है लूट”

KK Sagar
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झारखंड में फूड सेफ्टी ऑफिसर और सीडीपीओ परीक्षाओं के परिणाम करीब दो वर्ष बीत जाने के बावजूद जारी नहीं किए गए हैं। इसी मुद्दे को लेकर झारखंड बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सरकार पर सीधा हमला बोला है।
मरांडी ने X पर पोस्ट करते हुए लिखा कि सरकार युवाओं को रोजगार देने के प्रति गंभीर नहीं है और परीक्षार्थी लगातार हो रहे इस इंतजार से दुखी व निराश हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि झामुमो कोटे से JPSC में शामिल सदस्यों ने नियुक्ति में धांधली की प्रवृत्ति को बढ़ावा दिया है, जिससे चयन प्रक्रिया में अनियमितताओं की आशंका बढ़ गई है और आयोग की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लग गया है।
मरांडी ने मांग की कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बंद करें और दोनों परीक्षाओं के परिणाम तुरंत प्रकाशित कराएं।

इसके साथ ही प्रदेश अध्यक्ष ने राज्य में पिछले डेढ़ वर्ष से विभिन्न विभागों में संवेदकों के भुगतान लंबित होने पर भी गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि हजारों मजदूर और कई ठेकेदार भुगतान अटकने की वजह से भारी आर्थिक संकट में हैं।
मरांडी ने दावा किया कि जिन कार्यों की माप पुस्तिका (एमबी) विभागों द्वारा स्वीकृत हो चुकी है, उन बिलों का भुगतान भी रोका जा रहा है, वहीं नए टेंडर भी ठप पड़े हैं, जिसके कारण विकास कार्य पूरी तरह से प्रभावित हो गए हैं।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विभागों में इंजीनियरों, अधिकारियों और मंत्रियों द्वारा कमीशन वसूला जा रहा है, और भुगतान तभी किया जाता है जब “ऊपर तक” हिस्सा पहुंच जाता है। मरांडी के अनुसार, यह पूरी व्यवस्था भ्रष्टाचार में डूबी है और संवेदकों को उनका हक नहीं मिल पा रहा।

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि वित्तीय कुप्रबंधन और अदूरदर्शिता के कारण झारखंड गंभीर आर्थिक संकट में है और सरकार के पास इससे उबरने की कोई योजना नहीं दिखाई देती।
उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से आग्रह किया कि संवेदकों का भुगतान तुरंत सुनिश्चित किया जाए, ताकि रुके हुए विकास कार्य दोबारा गति पकड़ सकें।

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