डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: झारखंड के चाईबासा में दोस्ती को शर्मसार करने वाली एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जहां महज पैसों के लेन-देन के विवाद में एक दोस्त ने ही अपने दोस्त की मौत की साजिश रच डाली। आचू गांव के पास दिनदहाड़े धारदार हथियार से हुई सुभाष बानरा की हत्या की गुत्थी सुलझाते हुए पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
क्या है पूरा मामला?
मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के आचू पावर ग्रिड के पास बीते दिनों रुईडीह निवासी सुभाष बानरा (25 वर्ष) की अज्ञात हमलावरों ने धारदार हथियार से काटकर नृशंस हत्या कर दी थी। सड़क किनारे खून से लथपथ शव मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी। पुलिस ने मृतक के पिता मुकुन्द बानरा की शिकायत पर अज्ञात अपराधियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
पैसों का विवाद और ‘सुपारी’ वाली साजिश
सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बहामन टुटी ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि हत्या की जड़ में पुराना पैसों का लेन-देन था। मुख्य आरोपी साऊ देवगम ने पुलिस के सामने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
साजिश: साऊ देवगम और मृतक सुभाष दोस्त थे। साऊ का सुभाष पर बकाया पैसा था, जिसे सुभाष लौटा नहीं रहा था।
प्लानिंग: पैसे न मिलने से नाराज साऊ ने अपने 5 अन्य साथियों के साथ मिलकर सुभाष को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
सुपारी: साऊ ने पेशेवर अपराधियों को ‘सुपारी’ देकर दिनदहाड़े इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम दिलवाया।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारियां
मामले की गंभीरता को देखते हुए चाईबासा पुलिस अधीक्षक द्वारा एक विशेष टीम का गठन किया गया था। तकनीकी साक्ष्यों और गुप्त सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर दो लोगों को दबोच लिया।
साऊ देवगम: मुख्य साजिशकर्ता (मृतक का दोस्त)।
गोविन्द मुन्दुईया: पेशेवर अपराधी, जिसका लंबा आपराधिक इतिहास रहा है।
SDPO बहामन टुटी ने बताया कि गिरफ्तार अपराधियों ने अपना गुनाह स्वीकार कर लिया है। गोविन्द मुन्दुईया पहले भी कई संगीन मामलों में शामिल रहा है। इस कांड में शामिल अन्य चार फरार अभियुक्तों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।
छापेमारी टीम में ये थे शामिल
इस सफल उद्भेदन में SDPO बहामन टुटी के नेतृत्व में मुफ्फसिल थाना प्रभारी राज कुमार, विनोद कुमार और मुफ्फसिल थाना के रिजर्व जवान शामिल थे। पुलिस का दावा है कि जल्द ही बाकी आरोपियों को भी सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।

