धनबाद : घुटनों के रिप्लेसमेंट का नाम सुनते ही अब तक लोगों के मन में अधिक खर्च और जटिल सर्जरी की आशंका रहती थी, लेकिन आधुनिक चिकित्सा तकनीक ने इस सोच को बदल दिया है। अब टोटल नी रिप्लेसमेंट की जगह केवल खराब हिस्से का ही रिप्लेसमेंट किया जा रहा है, जिससे इलाज आसान, किफायती और अधिक सफल हो गया है।

■ यूनिकॉन्डिलर रिप्लेसमेंट बनी नई उम्मीद
प्रेस वार्ता में जानकारी देते हुए वरिष्ठ हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. डीपी भूषण ने बताया कि घुटने के तीन भाग होते हैं। पहले पूरे घुटने का रिप्लेसमेंट किया जाता था, लेकिन अब तकनीक के विकास से केवल क्षतिग्रस्त हिस्से को ही बदला जाता है, जिसे यूनिकॉन्डिलर नी रिप्लेसमेंट कहा जाता है।
■ धनबाद में होगा देशभर के विशेषज्ञों का जुटान
रविवार को धनबाद में देशभर के लगभग 100 नामचीन हड्डी रोग विशेषज्ञ एक मंच पर जुटेंगे। यह अवसर इंडियन आर्थ्रोप्लास्टी एसोसिएशन के सहयोग से आयोजित धनबाद ऑर्थोपेडिक क्लब के चौथे कॉन्फ्रेंस का है।
■ उन्नत ज्वाइंट रिप्लेसमेंट का मिलेगा प्रशिक्षण
इस वर्ष कॉन्फ्रेंस के साथ-साथ आर्थ्रोप्लास्टी प्रशिक्षण पाठ्यक्रम का भी आयोजन किया जा रहा है, जिसमें धनबाद सहित झारखंड के डॉक्टरों को उन्नत ज्वाइंट रिप्लेसमेंट तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
■ दो सत्रों में आयोजित होगा कार्यक्रम
रविवार को आयोजित इस कॉन्फ्रेंस का पहला सत्र मेडिकल कॉलेज में जबकि दूसरा सत्र धनसार स्थित रेडिसिन होटल में आयोजित किया जाएगा।
■ कई वरिष्ठ चिकित्सक रहे मौजूद
प्रेस वार्ता के दौरान डॉ. प्रकाश सिंह, डॉ. आशीष बजाज, डॉ. धीरज चौधरी, डॉ. संजय कुमार, डॉ. निखिल ड्रोलिया सहित कई वरिष्ठ चिकित्सक उपस्थित थे।
यह आयोजन न केवल धनबाद बल्कि पूरे झारखंड के लिए आधुनिक ज्वाइंट रिप्लेसमेंट तकनीक को नई दिशा देने वाला साबित होगा।

