हजारीबाग में डिजिटल अरेस्ट का नया फॉर्मूला! पुराने नोट बदलने के नाम पर किराना दुकानदार से 42 हजार की ठगी

KK Sagar
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हजारीबाग। झारखंड में साइबर अपराधियों के नए-नए हथकंडे लोगों के लिए गंभीर खतरा बनते जा रहे हैं। अब डिजिटल अरेस्ट और पुराने नोट–सिक्के बदलकर मोटी रकम दिलाने का लालच देकर ठगी का नया मॉड्यूल तेजी से फैल रहा है। इसी कड़ी में हजारीबाग के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बड़ासी गांव में एक किराना दुकानदार को 75 लाख रुपये दिलाने का झांसा देकर 42 हजार रुपये की ठगी का मामला सामने आया है।


कैसे फंसाया दुकानदार को—लालच और डर का डबल खेल

जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले एक अज्ञात युवक दुकानदार के पास आया और पुराने नोटों के बदले बड़ी रकम दिलाने का दावा किया। युवक ने मोबाइल नंबर लेकर व्हाट्सएप पर लगातार संपर्क किया और धीरे-धीरे विश्वास में लेकर दुकानदार से किश्तों में 42 हजार रुपये ऐंठ लिए।

जब दुकानदार ने आगे पैसे भेजने से मना किया, तो ठगों ने उसे एक फर्जी पुलिस पिटाई वीडियो भेजकर डराना शुरू कर दिया। कहा गया कि पुलिस उसके खिलाफ कार्रवाई कर सकती है। डर और दबाव में आए दुकानदार ने आखिरकार पूरे मामले की शिकायत स्थानीय थाना में कर दी।


डिजिटल अरेस्ट—साइबर अपराध का सबसे खतरनाक मॉड्यूल

पुलिस के अनुसार, यह मामला डिजिटल अरेस्ट मॉड्यूल की श्रेणी में आता है। इसमें ठग खुद को सरकारी अधिकारी या पुलिसकर्मी बताकर वीडियो कॉल और मैसेज के जरिए लोगों को धमकाकर रकम वसूलते हैं।


एसपी अंजनी अंजन की चेतावनी—“पुलिस कभी फोन पर पैसे नहीं मांगती”

हजारीबाग के एसपी अंजनी अंजन ने घटना के बाद लोगों को सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा—

“पुलिस किसी भी परिस्थिति में फोन, व्हाट्सएप या वीडियो कॉल के जरिए पैसे की मांग नहीं करती और न ही किसी को धमकाती है। ऐसी हर घटना डिजिटल अरेस्ट का मामला होता है। तुरंत साइबर थाना या नजदीकी पुलिस स्टेशन से संपर्क करें।”


पुराने नोट–सिक्कों के बदले मोटी रकम का लालच—तीव्र गति से बढ़ रहा नया साइबर ट्रेंड

पुलिस का कहना है कि पुराने सिक्के और नोटों के बदले अधिक मूल्य देने का झांसा देकर लोगों को चूना लगाने के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। साइबर अपराधी लालच और भय—दोनों हथियारों का इस्तेमाल कर रहे हैं।


क्या करें अगर आप भी फंस जाएं?

किसी भी लालच वाले प्रस्ताव पर तुरंत संदेह करें

अजनबी नंबर से आए वीडियो कॉल या चैट से सतर्क रहें

किसी भी तरह की धमकी या संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत शिकायत करें

राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन: 1930

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