बिहार में बिजली उपभोक्ताओं के लिए 1 अप्रैल से बड़ा बदलाव लागू हो गया है। राज्य सरकार ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर वाले उपभोक्ताओं के लिए ‘टाइम ऑफ डे’ (ToD) टैरिफ लागू कर दिया है। इस नई व्यवस्था के तहत अब बिजली का बिल इस बात पर निर्भर करेगा कि आप दिन के किस समय बिजली का उपयोग कर रहे हैं।
ऊर्जा विभाग के अनुसार, इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य शाम के पीक आवर में बिजली की खपत कम करना और उपभोक्ताओं को दिन के समय अधिक बिजली उपयोग के लिए प्रोत्साहित करना है। नई दरों के अनुसार पूरे दिन को तीन हिस्सों में बांटा गया है।
सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक का समय ऑफ-पीक आवर माना गया है, जिसमें बिजली की दर लगभग ₹5.94 प्रति यूनिट रखी गई है और उपभोक्ताओं को करीब 20% तक की राहत मिलेगी। वहीं, शाम 5 बजे से रात 11 बजे तक पीक आवर रहेगा, जिसमें बिजली 10 से 20% तक महंगी हो जाएगी और दर बढ़कर करीब ₹8.16 प्रति यूनिट तक पहुंच सकती है। इसके अलावा रात 11 बजे से सुबह 9 बजे तक सामान्य दर लागू रहेगी, जो करीब ₹7.42 प्रति यूनिट है।
इस नई व्यवस्था का सीधा असर राज्य के करीब 87 लाख स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। यह नियम खासतौर पर 10 किलोवाट से अधिक लोड वाले उपभोक्ताओं पर केंद्रित है। बिहार विद्युत विनियामक आयोग (BERC) ने वितरण कंपनियों के प्रस्ताव पर इसे मंजूरी दी है।
इसके साथ ही सरकार ने घरेलू और गैर-घरेलू उपभोक्ताओं के कुछ स्लैब को भी एकीकृत किया है, जिससे कई उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट 42 पैसे से लेकर ₹1.53 तक की राहत मिलने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर उपभोक्ता समझदारी से बिजली का इस्तेमाल करें, तो वे अपने बिल में अच्छी-खासी बचत कर सकते हैं। वॉशिंग मशीन, गीजर, पानी की मोटर जैसे भारी उपकरणों का उपयोग दिन के समय करने से फायदा होगा। वहीं, शाम के समय ज्यादा खपत करने पर बिल बढ़ सकता है।
सरकार का मानना है कि यह नई व्यवस्था न केवल उपभोक्ताओं को राहत देगी, बल्कि बिजली ग्रिड पर पड़ने वाले दबाव को भी कम करेगी और आपूर्ति व्यवस्था को अधिक संतुलित बनाएगी।

