केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज यानी रविवार 1 फरवरी 2026 को देश का आम बजट पेश करेंगी। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच पेश होने वाले इस बजट से देश को बड़ी उम्मीदें हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार सुधारवादी कदमों के जरिए विकास को नई गति देने की कोशिश करेगी।
निर्मला सीतारमण ने वर्ष 2019 में अपने पहले बजट के दौरान दशकों से चली आ रही परंपरा को तोड़ते हुए चमड़े के ब्रीफकेस की जगह लाल कपड़े में लिपटे पारंपरिक ‘बही-खाता’ को अपनाया था। पिछले चार वर्षों की तरह इस बार भी बजट कागज रहित (पेपरलेस) रूप में पेश किया जाएगा।
इन क्षेत्रों पर रहेगा खास जोर
अर्थशास्त्रियों के अनुसार, इस वर्ष के बजट में खासतौर पर:
रक्षा क्षेत्र
बुनियादी ढांचा विकास
पूंजीगत व्यय
ऊर्जा सेक्टर
किफायती आवास
पर विशेष ध्यान दिया जा सकता है। इसके साथ ही सामाजिक कल्याण योजनाओं और राजकोषीय अनुशासन के बीच संतुलन बनाए रखने की कोशिश होगी।
राजकोषीय घाटे पर नियंत्रण जारी
सरकार ने कोविड काल के दौरान 9.2 प्रतिशत तक पहुंचे राजकोषीय घाटे को धीरे-धीरे घटाकर वित्त वर्ष 2026 में अनुमानित 4.4 प्रतिशत तक ला दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार आगे भी राजकोषीय अनुशासन की नीति पर कायम रहेगी और इसमें किसी बड़े बदलाव की संभावना कम है।
वित्त मंत्री का आज का कार्यक्रम
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आज का कार्यक्रम इस प्रकार है:
सुबह 8:45 बजे कर्तव्य भवन-1 (मान सिंह रोड) पर फोटो-ऑप
सुबह 9:30 बजे राष्ट्रपति भवन जाएंगी
सुबह 9:50 बजे संसद भवन पहुंचेंगी
इसके बाद संसद में बजट पेश करेंगी
देशभर की नजरें आज पेश होने वाले बजट पर टिकी हैं, जिससे विकास, रोजगार और अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद की जा रही है।

