बीजेपी अध्यक्ष पद के लिए नितिन नवीन ने किया नामांकन, अमित शाह-राजनाथ सिंह बने प्रस्तावक

Neelam
By Neelam
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भारतीय जनता पार्टी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया आज शुरू हो गई। बीजेपी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए आधिकारिक तौर पर अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। उनके नामांकन के प्रस्तावक के रूप में गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शामिल रहे।

नामांकन में पार्टी के वरिष्ठ नेता रहे मौजूद

नामांकन प्रक्रिया के दौरान बीजेपी के मौजूदा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। इस मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, विभिन्न राज्यों के पार्टी अध्यक्ष, सांसद और अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।

अब नामांकन पेपर की जांच

बीजेपी के नेशनल रिटर्निंग ऑफिसर और राज्यसभा सांसद के. लक्ष्मण द्वारा जारी चुनाव कार्यक्रम के अनुसार, राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद के लिए नामांकन दोपहर 2 बजे किया गया। शेड्यूल के अनुसार, नामांकन पेपर की जांच नामांकन फाइल करने की विंडो बंद होने के तुरंत बाद, शाम 4 बजे से 5 बजे के बीच होगी। उम्मीदवारों को शाम 5 बजे से 6 बजे के बीच अपना नामांकन वापस लेने की इजाजत होगी। अगर नामांकन वापस लेने की अवधि के बाद एक से ज्यादा वैध नामांकन बचते हैं, तो 20 जनवरी को वोटिंग होगी।

राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्विरोध चुने जाने की संभावना

नवीन के पार्टी के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में निर्विरोध चुने जाने की संभावना है, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह सहित पार्टी नेतृत्व इस पद के लिए उनकी उम्मीदवारी का समर्थन कर रहे है। बता दें कि बिहार से पांच बार के विधायक रहे 45 वर्षीय नबीन को दिसंबर, 2025 में पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया था।

कैसे होता है बीजेपी अध्यक्ष का चुनाव?

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव पार्टी की राष्ट्रीय परिषद और विभिन्न राज्य परिषदों के प्रतिनिधियों से बने एक निर्वाचक मंडल द्वारा किया जाता है। इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी पार्टी का राष्ट्रीय निर्वाचन अधिकारी करता है। पार्टी के संविधान के मुताबिक, किसी भी राज्य के निर्वाचक मंडल के कम से कम 20 सदस्य मिलकर राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए किसी उम्मीदवार का प्रस्ताव रख सकते हैं। इसके लिए जरूरी है कि उम्मीदवार पार्टी का कम से कम चार कार्यकाल तक सक्रिय सदस्य रहा हो और उसकी सदस्यता को 15 साल पूरे हो चुके हों। इसके अलावा, यह प्रस्ताव कम से कम पांच ऐसे राज्यों से आना चाहिए, जहां राष्ट्रीय परिषद के चुनाव पहले ही पूरे हो चुके हों।

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