धनबाद की सड़कों पर नंबर प्लेट नहीं, नाम–जाति और ब्रांड का भौकाल! ‘यादव’–‘राजपूत’ के बाद अब ‘Vivek Gaming’ की एंट्री

KK Sagar
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सड़कों पर कानून बेनकाब, नियम बने मज़ाक

धनबाद के बाद अब बाघमारा की सड़कों पर ट्रैफिक नियम मज़ाक बनते नजर आ रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि जहां पहले वाहन नंबर प्लेट से पहचाने जाते थे, अब वहां नाम, जाति और ‘ब्रांड’ दौड़ते दिख रहे हैं। ‘राजपूत’ और ‘यादव’ के बाद अब ताज़ा एंट्री हुई है — ‘Vivek Gaming’ की, जिसने कानून की धज्जियां उड़ाते हुए सड़कों पर अपना दबदबा दिखाना शुरू कर दिया है।

ईस्ट बसुरिया इलाके से सामने आया ताज़ा मामला

ताज़ा मामला धनबाद के ईस्ट बसुरिया ओपी क्षेत्र अंतर्गत निचीतपुर टाउनशिप के पुराना क्वॉर्टर इलाके से जुड़ा है, जहां एक स्कॉर्पियो वाहन आगे-पीछे नंबर प्लेट की जगह ‘Vivek Gaming’ लिखवाकर फर्राटा भरती नजर आई। वाहन की रफ्तार और अंदाज़ ऐसा था, मानो ट्रैफिक नियम सिर्फ किताबों के लिए हों और सड़कें मनमानी के लिए।

असल नंबर मौजूद, लेकिन ‘नाम’ को मिली प्राथमिकता

हालांकि जानकारी के अनुसार, इस स्कॉर्पियो का वास्तविक रजिस्ट्रेशन नंबर JH01 DK 8055 है, लेकिन असली नंबर प्लेट हटाकर नाम चमकाना अब शान और रुतबे का प्रतीक बना दिया गया है। यह सीधा-सीधा मोटर वाहन अधिनियम का उल्लंघन है।

सोशल मीडिया पर वायरल, कानून व्यवस्था पर सवाल

इतना ही नहीं, इस स्कॉर्पियो के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिससे कानून व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। वायरल वीडियो यह दर्शाते हैं कि कुछ लोग खुलेआम सिस्टम को चुनौती देने में कोई हिचक नहीं दिखा रहे।

पहले भी हो चुकी है कार्रवाई, फिर भी नहीं सुधरे हालात

गौरतलब है कि इससे पहले ‘यादव’ और ‘राजपूत’ लिखी फैंसी नंबर प्लेट वाले वाहनों पर धनबाद पुलिस कार्रवाई कर चुकी है। उस समय ट्रैफिक डीएसपी अरविंद कुमार सिंह ने साफ चेतावनी दी थी कि फैंसी नंबर प्लेट और ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बावजूद इसके, अब फिर वही कहानी दोहराई जा रही है।

नाम लिखवाकर चलना बनता जा रहा है आदत

शहर में इस तरह नंबर प्लेट की जगह नाम लिखवाकर वाहन चलाने को लोग अब आदत बना चुके हैं। पुलिस के दिशा-निर्देशों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है और कुछ युवकों को न कानून का डर है, न कार्रवाई का। उल्टा, ऐसे वीडियो वायरल कर सिस्टम को खुली चुनौती दी जा रही है।

सवाल वही — कानून सबके लिए या सिर्फ आम जनता के लिए?

अब बड़ा सवाल यह है कि

👉 क्या ट्रैफिक नियम सिर्फ आम जनता के लिए हैं?

👉 और कब तक ‘भौकाल’ के आगे कानून कमजोर पड़ता रहेगा?

अब देखना यह होगा कि पुलिस इस वायरल वीडियो और पूरे मामले पर कितनी सख्ती से संज्ञान लेती है, या फिर नंबर प्लेट की जगह नाम चमकाने का यह ट्रेंड यूं ही सड़कों पर राज करता रहेगा।

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