चालू है खुलेआम शहर में बिना चालान के अवैध रूप से बालु लदी गाड़ियों का परिचालन और भंडारण का खेल
एसडीएम आवास तक सज जाते है बालु के बाजार और अधिकांश वाहनों में नंबर प्लेट रहते हैं गायब
मिरर मीडिया : अधिकारीयों की छूट है लूट सको तो लूट। जी हाँ ये संभव ही नहीं कि शहर में लगातार बालू लदे वाहनो की अवैध परिचालन और भंडारण होता रहे और अधिकारीयों को इसकी भनक तक ना लगे। फिर ये कहना अतिश्योक्ति नहीं होगी कि सैंया भए कोतवाल तो डर काहे का यह कहावत चरितार्थ हो रही है खनिज संपदाओं की लूट में जी हां जिनके कंधे इसको रोकने की जिम्मेदारी है वही साहब आंखें बंद कर बैठे हैं। हम बात कर रहे है अवैध बालू परिचालन, भंडारण और बिक्री की इसकी पूरी जिम्मेवारी खनन विभाग की है लेकीन कहीं न कही खनन विभाग की सहमति है तभी तो सुबह करीब 5 बजे शहर में सैकड़ों गाड़ियां बिना चालान के अवैध रूप से प्रवेश करती है और करीब 8 बजे तक बालू के बाजार सज जाते है।

खुलेआम शहर में पुलिस लाइन से हटिया मोड़ यहां तक कि एसडीएम आवास तक गाड़ियां खड़ी रहती हैं लेकिन विभाग के अधिकारी कुछ नही बोलते। यहां तक कि एसडीएम साहब भी चुप्पी साधे रहते हैं। खनन विभाग के सह का ही नतीजा है कि खुलेआम शहर में बिना चालान के अवैध रूप से बालु लदी गाड़ियों का परिचालन और भंडारण किया जा रहा है पूछने पर खनन विभाग के अधिकारी करवाई की बात तो कहते है मगर करवाई नही करते। इससे स्पष्ट अंदाजा लगाया जा सकता है कि कहीं ना कहीं खनन विभाग की सहमति है तभी तो अनगिनत अवैध बालु लदी गाड़ियां शहर में प्रवेश कर रहीं हैं। हाल ही में मिरर मीडिया से वार्ता के दौरान उपायुक्त ने अवैध बालू के परिचालन पर कार्रवाई करने के स्पष्ट निर्देश दिए थे ,3 दिन तक इसपर रोक भी लगी लेकिन उसके बाद फिर से अधिकारीयों की सहमति मिली और बाजार सज गए। अब सवाल यह उठता है कि आखिर विभाग क्यों नही कर रहा है करवाई, क्यों बंधी है उनके पैरों में जंजीरे। उपायुक्त के निर्देश की क्यों हो रही है अनदेखी
एक तरफ खनिज संपदाओं की लूट को रोकने की लिए उपायुक्त लगातार कार्रवाई के निर्देश देते हैं हैं तो वही दूसरी तरफ अधिकारियों के नाक के नीचे खुलेआम धड़ल्ले से बिना चालान के अवैध रूप से बालु लदी गाड़ियों का परिचालन और भंडारण किया जा रहा है पर कार्रवाई के नाम पर सन्नाटा
बहरहाल विभाग के अधिकारी कब नींद से जागते हैं और कितना जल्दी अवैध बालू लदी गाड़ियों के परिचालन और भंडारण पर पूरी तरह अंकुश लगाते हैं यह देखने वाली बात होगी।

