सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत परखेंगे अधिकारी, उपायुक्त ने तैनात किए नोडल अफसर

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और विकास कार्यो में पारदर्शिता लाने के लिए पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी के निर्देश पर जिले के सभी प्रखंडों और नगर निकायों के लिए नोडल पदाधिकारियों की तैनाती की गई है। ये अधिकारी अब सिर्फ दफ्तरों में नहीं बैठेंगे, बल्कि सीधे गांवों और शहरी वार्डों में जाकर विकास कार्यो की गुणवत्ता की जांच करे।

साप्ताहिक रिपोर्ट से होगी सीधी मॉनिटरिंग
​उपायुक्त के आदेश पर नामित नोडल पदाधिकारी अपने आवंटित क्षेत्रों का नियमित दौरा करेंगे। निरीक्षण के केंद्र में आंगनबाड़ी केंद्र, पंचायत भवन, जन वितरण प्रणाली की दुकानें, मनरेगा योजनाएं और सरकारी विद्यालय शामिल होंगे। अधिकारी इन स्थलों का भौतिक सत्यापन करेंगे और एक निर्धारित प्रपत्र में अपनी रिपोर्ट जिला विकास शाखा के माध्यम से उपायुक्त को सौंपेंगे। यह पूरी प्रक्रिया साप्ताहिक आधार पर होगी, जिससे योजनाओं की प्रगति पर सीधी नजर रखी जा सकेगी।

2 अप्रैल को होने वाले निरीक्षण का पूरा खाका
​आगामी 2 अप्रैल को जिले के विभिन्न हिस्सों में सघन निरीक्षण अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए जिम्मेदारियां तय कर दी गई हैं।

जमशेदपुर प्रखंड: सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी अनिल टूटी दलदली पंचायत का निरीक्षण करेंगे।
​घाटशिला व मुसाबनी: जिला कल्याण पदाधिकारी झांटीझरना और कार्यपालक दण्डाधिकारी सुदीप्त राज बेनाशोल पंचायत जाएंगे।
​पटमदा व बोड़ाम: सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी मो. मोजाहिद अंसारी ओड़िया पंचायत और कार्यपालक दण्डाधिकारी चन्द्रजीत सिंह पोखरिया पंचायत की कमान संभालेंगे।

शहरी क्षेत्र: मानगो नगर निगम की जिम्मेदारी जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को, जुगसलाई नगर परिषद की जिला परिवहन पदाधिकारी को और जमशेदपुर अक्षेस की जिम्मेदारी उप निर्वाचन पदाधिकारी को सौंपी गई है।

अन्य क्षेत्र: गुड़ाबान्दा के फॉरेस्ट ब्लॉक में निदेशक NEP, धालभूमगढ़ के चुकरीपाड़ा में विशिष्ट अनुभाजन पदाधिकारी और चाकुलिया के सरडीहा में एसडीओ धालभूम खुद कमान संभालेंगे। बहरागोड़ा, पोटका और डुमरिया में भी भूमि सुधार उप समाहर्ता और जिला आपूर्ति पदाधिकारी तैनात रहेंगे।

जमीनी सुधार पर जिला प्रशासन का जोर
​उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने स्पष्ट किया है कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं को दूर करना और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाना है। नोडल पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे न केवल कमियां निकालें, बल्कि स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर आम जनता को सरकारी सुविधाओं का सीधा लाभ दिलाने में सहयोग भी करें। जिला प्रशासन की इस सक्रियता से विकास कार्यो की गुणवत्ता और रफ्तार बढ़ने की उम्मीद है।

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