डिजिटल डेस्क/जमशेदपुर। बोड़ाम थाना क्षेत्र के जोबा गांव में मकर संक्रांति के उपलक्ष्य में आयोजित पारंपरिक ‘काड़ा (भैंसा) लड़ाई’ एक खूनी खेल में बदल गई। इस हादसे ने एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया।
कैसे हुआ हादसा
मैदान में दो भैंसों की भिड़ंत के दौरान एक भैंसा हार मानकर दर्शकों की ओर भाग निकला। वहां खड़े 55 वर्षीय सुभाष कर्मकार इसकी चपेट में आ गए। भैंसे ने उन्हें सींगों से उछालकर पटक दिया। उन्हें बचाने दौड़े 15 वर्षीय पुत्र सागर को भी भैंसे ने रौंद डाला। अस्पताल ले जाने पर सुभाष को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि सागर गंभीर रूप से घायल है।
प्रशासन की कार्रवाई
हैरानी की बात यह रही कि मौत के बाद भी आयोजक खेल जारी रखे हुए थे। बाद में पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लाठियां फटकारीं और मेला बंद कराया। हिंसक पशु खेलों पर प्रतिबंध के बावजूद ऐसे आयोजन सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।

