डिजिटल डेस्क। मिरर मीडिया: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी दो दिवसीय रूस यात्रा के बाद दिल्ली लौट आए हैं। इस यात्रा के दौरान उन्होंने कजान में 16वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लिया। शिखर सम्मेलन के अवसर पर पीएम मोदी ने चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान सहित कई प्रमुख विश्व नेताओं से भी मुलाकात की।
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री का संबोधन
रूस की अध्यक्षता में कजान में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी ने दो सत्रों को संबोधित किया। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उनकी रूस यात्रा बेहद उपयोगी रही। उन्होंने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करने और विश्व नेताओं से मिलने का अवसर मिलने पर प्रसन्नता जताई। पीएम मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और रूसी जनता का उनके अतिथि सत्कार के लिए आभार प्रकट किया।
पुतिन ने की भारत की आर्थिक वृद्धि की सराहना
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान भारत की आर्थिक प्रगति की सराहना की। उन्होंने भारत को ब्रिक्स देशों के लिए एक आदर्श के रूप में प्रस्तुत किया। पुतिन ने प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा, “हम सभी उच्च आर्थिक वृद्धि दर सुनिश्चित करने की बात करते हैं, और आप इसे सफलतापूर्वक पूरा कर रहे हैं। 7.5 प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि हासिल करने के लिए आपको बधाई।” पुतिन ने इस बात पर भी जोर दिया कि भारत की आर्थिक प्रगति बाकी देशों के लिए एक प्रेरणा स्रोत है।
भारत की आर्थिक स्थिति पर वैश्विक नजर
पुतिन की यह टिप्पणी अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के एशिया प्रशांत विभाग के निदेशक कृष्ण श्रीनिवासन के बयान के बाद आई है। श्रीनिवासन ने कहा था कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और इसकी आर्थिक बुनियाद मजबूत है। भारत की अर्थव्यवस्था इस वर्ष 7 प्रतिशत की दर से बढ़ने की उम्मीद है, जबकि 2025 में यह वृद्धि 6.5 प्रतिशत रह सकती है।
गाजा युद्ध पर शी चिनफिंग का बयान
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने गाजा में युद्धविराम और शांति की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि गाजा की मानवीय स्थिति बिगड़ रही है और युद्ध का फैलाव रोकने की दिशा में तत्काल कदम उठाए जाने चाहिए। चिनफिंग ने फलस्तीन मुद्दे के न्यायसंगत समाधान की मांग करते हुए क्षेत्रीय शांति के लिए युद्धविराम की अपील की।
यूक्रेन संकट और ग्लोबल साउथ की भूमिका
शी चिनफिंग ने यूक्रेन संकट पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि चीन और ब्राजील, ग्लोबल साउथ के अन्य देशों के साथ मिलकर इस संकट से निपटने के लिए शांति मित्रों के समूह का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने तनाव को बढ़ने से रोकने और शांति प्रयासों को तेज करने की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में नए साझीदार देशों को आमंत्रित करने के फैसले को स्वागत योग्य कदम बताया।
प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा न केवल भारत-रूस संबंधों को और सुदृढ़ करेगी, बल्कि वैश्विक मुद्दों पर भारत की भूमिका को भी मजबूत बनाएगी।
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