चुनाव से पहले बंगाल में बढ़ी सियासी हलचल, राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने दिया इस्तीफा

KK Sagar
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कोलकाता: पश्चिम बंगाल के राज्यपाल C. V. Ananda Bose ने गुरुवार (5 मार्च 2026) को दिल्ली में राष्ट्रपति Droupadi Murmu को अपना इस्तीफा सौंप दिया। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले उनके अचानक इस्तीफे से राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।

सूत्रों के अनुसार, वर्ष 2022 में Jagdeep Dhankhar के बाद उन्हें पश्चिम बंगाल का राज्यपाल नियुक्त किया गया था। करीब तीन साल तक इस पद पर रहने के बाद उन्होंने पद छोड़ दिया। उनके इस्तीफे के बाद फिलहाल R. N. Ravi को पश्चिम बंगाल का नया राज्यपाल बनाया गया है।

बताया जा रहा है कि केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने इस घटनाक्रम की जानकारी फोन पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee को दी।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्यपाल के अचानक इस्तीफे पर आश्चर्य और चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि अभी उन्हें इस्तीफे के कारणों की जानकारी नहीं है, लेकिन यदि आगामी विधानसभा चुनाव से पहले किसी राजनीतिक दबाव में यह फैसला लिया गया हो तो उन्हें आश्चर्य नहीं होगा।

दरअसल, राज्यपाल बोस और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच कई बार टकराव की स्थिति भी बनी थी। राजभवन की एक महिला कर्मचारी द्वारा मई 2024 में लगाए गए उत्पीड़न के आरोपों के बाद विवाद और बढ़ गया था। उस समय मुख्यमंत्री ने राजभवन न जाने की बात भी कही थी। हालांकि हाल के दिनों में दोनों के रिश्तों में कुछ सुधार देखा गया था।

राज्यपाल बोस ने राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर भी कई बार सवाल उठाए थे, खासकर अप्रैल 2025 में मुर्शिदाबाद में हुए सांप्रदायिक दंगों के बाद।

दिलचस्प बात यह है कि कुछ दिन पहले ही 27 फरवरी 2026 को बोस पश्चिम बंगाल के मतदाता बने थे और उन्होंने लोगों से लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए मतदान करने की अपील भी की थी। ऐसे में विधानसभा चुनाव से पहले उनका इस्तीफा राजनीतिक गलियारों में कई सवाल खड़े कर रहा है।

अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले चुनाव से पहले राज्य की सियासत किस दिशा में आगे बढ़ती है।

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