बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को मुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग तेज होने लगी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफे की चर्चा के बीच पटना में पोस्टर लगाए गए हैं और निशांत कुमार को ‘भविष्य का मुख्यमंत्री’ बताया गया है।
निशांत कुमार के पॉलिटिकल रोल पर चर्चा
नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद बिहार में आगे की तस्वीर कैसी होगी इसका सबको इंतजार है। 16 मार्च को नीतीश कुमार राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए हैं। संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार उन्हें 30 मार्च तक बिहार विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा देना होगा, नहीं तो उनकी राज्यसभा सदस्यता पर सवाल खड़े हो सकते हैं। इसी वजह से राज्य में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चर्चाएं तेज हैं। इस बीच निशांत कुमार के पॉलिटिकल रोल को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं जारी हैं। अब राजधानी पटना में जेडीयू कार्यालय के बाद निशांत कुमार को लेकर पोस्टर लगाया गया है।
नीतीश कुमार से मुख्यमंत्री पद ना छोड़ने की अपील
पटना में यह पोस्टर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समर्थकों ने लगाए, जिसमें उनसे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा न देने की अपील भी की। इन पोस्टरों में नीतीश कुमार को जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में फिर से चुने जाने पर बधाई भी दी गई। पोस्टर पर लिखा है, “क्यों कर रहे हैं आप ऐसा विचार, जब बिहारवासियों को स्वीकार नहीं कि आप मुख्यमंत्री पद छोड़ जाएं बाहर।”
पोस्टर में संदेश देने की कोशिश
इसके साथ ही पोस्टर पर निशांत कुमार की तस्वीर छपी है, जिसके नीचे लिखा है, “फ्यूचर सीएम ऑफ बिहार।” इन पोस्टरों के सामने आने के बाद सियासी अटकलों का दौर और तेज हो गया। जदयू के कुछ समर्थक चाहते हैं कि यदि नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद छोड़ते हैं, तो उनकी राजनीतिक विरासत परिवार के भीतर ही बनी रहे। पोस्टरों में यही संदेश देने की कोशिश की गई है कि निशांत कुमार को आगे बढ़ाया जाए।
इसी महीने की शुरूआत में ली जदयू की सदस्यता
निशांत कुमार को ‘मुख्यमंत्री’ बनाए जाने की मांग उस समय और तेज हुई है, जब नीतीश कुमार के राज्यसभा सदस्य चुने जाने के बाद एमएलसी पद से जल्द इस्तीफा देने की चर्चाएं हैं।इसी बीच, निशांत कुमार बिहार की सक्रिय राजनीति में आए। उन्होंने इस महीने की शुरुआत में औपचारिक रूप से जदयू की सदस्यता ली और इसके बाद से लगातार पार्टी बैठकों और कार्यक्रमों में भाग ले रहे हैं। निशांत हाल के दिनों में सार्वजनिक और राजनीतिक गतिविधियों में अधिक सक्रिय नजर आ रहे हैं। तब से निशांत कुमार को मुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग उठ रही है।

