रामगढ़। जिले में फाइलेरिया उन्मूलन को लेकर मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) 2026 अभियान के सफल संचालन हेतु सोमवार को सिविल सर्जन रामगढ़ डॉ. नवल कुमार की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। यह अभियान 10 फरवरी 2026 से 25 फरवरी 2026 तक पूरे जिले में संचालित किया जाएगा।
बैठक में सिविल सर्जन ने बताया कि एमडीए 2026 के तहत जिले की 10,53,034 लक्षित आबादी को फाइलेरिया रोधी दवाएं डीईसी एवं एल्बेंडाजोल खिलाई जाएंगी। अभियान के अंतर्गत दो वर्ष से कम आयु के बच्चे, गर्भवती महिलाएं एवं गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति को छोड़कर सभी पात्र लोगों को दवा का सेवन कराया जाएगा।
उन्होंने कहा कि फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी से बचाव के लिए दवा का सेवन अत्यंत आवश्यक है। अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला स्तर पर चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों की विशेष टीमें गठित की गई हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में दवा वितरण एवं निगरानी को लेकर भी विशेष व्यवस्था की गई है।
10 फरवरी को बूथ दिवस, जिलेभर में स्थापित 1156 बूथों पर फाइलेरिया रोधी दवाएं खिलाई जाएंगी। इसके बाद 11 फरवरी से 25 फरवरी 2026 तक स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर पात्र व्यक्तियों को दवा सेवन कराएंगे। पूरे अभियान की निगरानी के लिए जिले में 130 सुपरवाइजर नियुक्त किए गए हैं।
प्रखंडवार लक्ष्य व व्यवस्था
गोला: लक्षित आबादी – 1,72,409 | बूथ – 262 | सुपरवाइजर – 27
मांडू: लक्षित आबादी – 2,63,364 | बूथ – 293 | सुपरवाइजर – 33
पतरातू: लक्षित आबादी – 2,67,858 | बूथ – 279 | सुपरवाइजर – 30
रामगढ़: लक्षित आबादी – 3,49,403 | बूथ – 322 | सुपरवाइजर – 40
बैठक में जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. स्वराज, जिला कुष्ठ निवारण पदाधिकारी डॉ. तुलिका रानी, चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. उदय श्रीवास्तव, प्रदीप कुमार सिंह (डीपीएम), रश्मि आनंद (डीडीएम), आरिफ हैदर (डीपीसी), जिला वीबीडी सलाहकार संजना कुमारी, रविकांत रवि (लिपिक) सहित पिरामल फाउंडेशन से रितेश कुमार एवं मिथुन भंडारी समेत कई पदाधिकारी उपस्थित थे।
अंत में सिविल सर्जन ने आमजनों से अपील की कि वे फाइलेरिया उन्मूलन अभियान में सक्रिय सहयोग करें और स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा दी जाने वाली दवाओं का सेवन अवश्य करें, ताकि रामगढ़ जिला फाइलेरिया मुक्त बन सके।

