
मणिपुर : मणिपुर में हिंसा रुकने का नाम ही नहीं ले रही है। बुधवार को लगातार दूसरे दिन दो छात्रों के अपहरण और हत्या के विरोध में हजारों छात्रों ने इम्फाल की सड़कों पर विरोध रैलियां निकालीं और नारेबाजी की।
मालूम हो कि चुराचांदपुर में, शीर्ष कुकी संस्था, इंडिजिनस ट्राइबल लीडर्स फोरम (ITLF ) की महिला शाखा ने लगभग पांच महीने की जातीय हिंसा के दौरान आदिवासियों की हत्याओं और दुष्कर्म की CBI जांच के आदेश में देरी के खिलाफ प्रदर्शन किया। विरोध प्रदर्शन और हिंसा की आशंका के चलते मणिपुर पुलिस, CRPF और RAF के जवानों को इंफाल घाटी में बड़ी संख्या में तैनात किया गया है।
प्रदर्शन कर रहे एक छात्र नेता ने कहा कि हम साथी छात्रों के अपहरण और हत्या के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और हमने विरोध स्वरूप सभी को काले बैज पहनने के लिए कहा है।
वहीं,पुलिस अधिकारियों ने कहा कि वे स्थिति पर नजर रख रहे हैं।दूसरी ओर, चुराचांदपुर में विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करने वाली ITLF महिला विंग की संयोजक मैरी जोन ने आश्चर्य जताया कि कुकी की हत्याओं और दुष्कर्मों में ऐसी जांच क्यों शुरू नहीं की गई।
यह रैली उन दो किशोरों की हत्या के मामले में CBI की त्वरित कार्रवाई के खिलाफ है, जो एक दूसरे से प्यार करते थे और भाग गए थे। हालाँकि, आदिवासी महिलाओं के साथ दुष्कर्म, नग्न परेड और हमारे पुरुषों की हत्या की कई घटनाएं हुईं लेकिन कोई CBI जांच नहीं की गई।
उन्होंने कहा कि हमारे खिलाफ यह पूर्वाग्रह क्यों? हम आदिवासियों के खिलाफ हिंसा की घटनाओं की CBI जांच की मांग करते हैं।
इधर स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने 27 और 29 सितंबर को स्कूलों में छुट्टी की घोषणा की है, साथ ही 28 सितंबर को मिलाद उन-नबी (पैगंबर मुहम्मद का जन्मदिन) के मद्देनजर सार्वजनिक अवकाश है।