रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के दो-दिवसीय भारत दौरे ने भारत–रूस संबंधों में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई शिखर वार्ता में दोनों देशों ने आर्थिक, रक्षा, उद्योग, कृषि, खाद्य सुरक्षा, बंदरगाह संचालन, माइग्रेशन और मेडिकल रिसर्च जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में 16 से अधिक समझौतों (MoU) पर हस्ताक्षर किए।
इस दौरान PM मोदी ने भारत-रूस मित्रता को “ध्रुव तारे की तरह अटल” बताया, जबकि राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि दोनों देश वैश्विक चुनौतियों के बीच भी एक-दूसरे के भरोसेमंद साझेदार बने रहेंगे।
🔶 यात्रा का कार्यक्रम और कूटनीतिक संदेश
दौरे की शुरुआत में राष्ट्रपति पुतिन का राजपथ पर औपचारिक स्वागत किया गया। इसके बाद उन्होंने राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी, और विजिटर्स बुक में गांधी तथा रूसी लेखक लियो टॉलस्टॉय के बीच हुए ऐतिहासिक संवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत-रूस संबंध शांति, समानता और मानवता के मूल्यों को दर्शाते हैं।
🤝 आर्थिक एवं औद्योगिक सहयोग — ऐतिहासिक विस्तार
बैठक के दौरान दोनों देशों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब डॉलर तक पहुँचाने का लक्ष्य निर्धारित किया। कई प्रमुख औद्योगिक और आर्थिक समझौते हुए:
🔹 भारतीय कंपनियाँ रूस में यूरिया प्लांट स्थापित करेंगी — खाद उर्वरकों की सप्लाई श्रृंखला मजबूत होगी
🔹 भारत की FSSAI और रूस की उपभोक्ता सुरक्षा एजेंसी के बीच खाद्य सुरक्षा समझौता
🔹 स्वास्थ्य सेवाओं और मेडिकल रिसर्च में सहयोग को लेकर कई MoU
🔹 ऊर्जा क्षेत्र में दीर्घकालीन सप्लाई व्यवस्था सुनिश्चित करने पर सहमति
🔹 प्रौद्योगिकी, विनिर्माण और औद्योगिक उत्पादन में संयुक्त निवेश
PM मोदी ने कहा कि पुतिन का यह दौरा “Reform → Perform → Transform” के लक्ष्य को और गति देगा।
🚢 बंदरगाह व शिपिंग ऑपरेशन — कनेक्टिविटी को मिलेगा बूस्ट
भारत और रूस के बीच बंदरगाह, शिपिंग और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को मजबूत करने के लिए भी MoU हुआ।
इससे व्यापार के लिए सीधी समुद्री कनेक्टिविटी बढ़ेगी, लागत कम होगी और सप्लाई चेन तेज होगी।
लॉजिस्टिक्स में सहयोग उत्तर–दक्षिण परिवहन गलियारे (INSTC) के विकास को भी गति देगा।
🔄 माइग्रेशन और नागरिकों की आवाजाही — अब प्रक्रिया होगी आसान
दोनों देशों ने नागरिकों की आवाजाही और रोजगार अवसरों को बढ़ाने पर सहमति जताई:
- कार्य वीज़ा और माइग्रेशन प्रक्रियाओं को सरल व तेज करने का समझौता
- कुशल पेशेवरों और छात्रों के लिए नए अवसर खोलने पर जोर
🛡 आतंकवाद और सुरक्षा — साझा मोर्चा
दोनों नेताओं ने आतंकवाद के खिलाफ एक मजबूत संयुक्त रुख अपनाया।
PM मोदी और राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि आतंकवाद दुनिया की सबसे बड़ी चुनौती है और दोनों देश इसके वित्तपोषण, नेटवर्क और सुरक्षित ठिकानों के खिलाफ मिलकर कार्रवाई करेंगे।
🌍 विदेश नीति और यूक्रेन मुद्दा
बैठक के दौरान यूक्रेन संकट पर भी खुलकर बातचीत हुई।
PM मोदी ने कहा — “भारत तटस्थ नहीं, बल्कि शांति-पक्षधर है। किसी भी संघर्ष का समाधान स्थायी शांति से ही संभव है।”
पुतिन ने भी शांति प्रयासों का स्वागत किया और कहा कि दोनों देश अंतरराष्ट्रीय मंचों — BRICS, SCO, UN और G20 — पर एक-दूसरे के रणनीतिक हितों का समर्थन करेंगे।
📌 दौरे का महत्व — भारत के लिए क्यों खास?
उद्योग और व्यापार 100 अरब डॉलर के लक्ष्य से निवेश और रोजगार में वृद्धि
कृषि व उर्वरक यूरिया प्लांट से सप्लाई चेन मजबूत, किसानों को स्थिर लाभ
ऊर्जा तेल-गैस की लगातार आपूर्ति और कम कीमतों का फायदा
स्वास्थ्य दवा, रिसर्च, मेडिकल टेक्नोलॉजी में नया सहयोग
शिपिंग बंदरगाह विकास और समुद्री व्यापार तेज
शिक्षा व रोजगार छात्रों और पेशेवरों के लिए नए अवसर
रक्षा व सुरक्षा आतंकवाद के खिलाफ साझा कार्रवाई

