डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले का चाईबासा शहर जल्द ही कांग्रेस की बड़ी सियासी हलचल का केंद्र बनने जा रहा है। 22 मार्च के बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी चाईबासा पहुंचेंगे। वे यहां झारखंड और ओडिशा के कांग्रेस जिलाध्यक्षों के लिए आयोजित 10 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर में शामिल होकर संगठन को धार देंगे।
10 दिन, 55 जिलाध्यक्ष और ‘राहुल क्लास’
चाईबासा के लुपुंगुटू (TRTC गुईरा) में 22 से 31 मार्च तक चलने वाला यह कैंप बेहद खास है। इसमें मुख्य रूप से दो राज्यों के जिलाध्यक्ष जुटेंगे।
झारखंड: 25 जिलाध्यक्ष
ओडिशा: 30 जिलाध्यक्ष
कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल के अनुसार, राहुल गांधी शिविर के किसी एक दिन शामिल होंगे। खबर है कि वे न केवल नेताओं का मार्गदर्शन करेंगे, बल्कि चाईबासा में रात्रि विश्राम भी कर सकते हैं, ताकि स्थानीय नेताओं और संगठन के जमीनी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जा सके।
क्या रहेगा राहुल गांधी के एजेंडे में?
इस दौरे को केवल एक औपचारिक मुलाकात के तौर पर नहीं, बल्कि संगठन के कायाकल्प के रूप में देखा जा रहा है।
राहुल गांधी इन विषयों पर जोर देंगे
बूथ मैनेजमेंट: संगठन को पंचायत और बूथ स्तर तक अभेद्य बनाना।
विचारधारा का प्रसार: कांग्रेस की मूल विचारधारा को आम जनमानस तक ले जाना।
आगामी रणनीति: भविष्य के चुनावों को लेकर क्षेत्रीय चुनौतियों और गठबंधन के समीकरणों पर मंथन।
जनसंपर्क: आम लोगों के बीच पार्टी की सक्रियता बढ़ाने के लिए ठोस कार्ययोजना।
क्यों अहम है यह दौरा?
झारखंड और ओडिशा जैसे आदिवासी बहुल राज्यों में राहुल गांधी का यह प्रवास काफी मायने रखता है। चाईबासा को इस प्रशिक्षण के लिए चुनना यह संकेत देता है कि कांग्रेस आगामी राजनीतिक लड़ाई के लिए जमीन से जुड़े नेतृत्व को सीधे दिल्ली से जोड़ना चाहती है।
तैयारियां तेज: जिला प्रशासन के साथ हेलीपैड निर्माण और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पत्राचार शुरू कर दिया गया है। 22 मार्च के बाद चाईबासा की सुरक्षा व्यवस्था भी चाक-चौबंद रहेगी।

