प्रयागराज: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को प्रयागराज का दौरा कर महाकुंभ 2025 के दौरान भारतीय रेलवे की तैयारियों और रेल कर्मयोगियों के अथक प्रयासों की सराहना की। उन्होंने उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर), उत्तर पूर्व रेलवे (एनईआर) और उत्तर रेलवे (एनआर) के तहत विभिन्न स्टेशनों का निरीक्षण किया और रेलवे की सुचारू व्यवस्था की प्रशंसा की।
अश्विनी वैष्णव ने रेल कर्मियों का किया धन्यवाद

रेल मंत्री ने महाकुंभ में तीर्थयात्रियों को सुविधाजनक यात्रा देने के लिए रेलवे के विभिन्न विभागों के कर्मचारियों—फ्रंटलाइन कर्मियों, आरपीएफ, जीआरपी, इंजीनियरों, सफाई कर्मचारियों, चिकित्सा टीम और हेल्प डेस्क अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से धन्यवाद दिया। उन्होंने टीटीई, ड्राइवरों, सहायक ड्राइवरों, सिग्नल एवं दूरसंचार कर्मियों, ट्रैकमैन, एएसएम, नियंत्रण अधिकारियों और रेलवे प्रशासकों के योगदान की भी सराहना की।
महाकुंभ में ऐतिहासिक रेल संचालन
भारतीय रेलवे ने इस आयोजन के लिए अभूतपूर्व सेवाएं प्रदान कीं:
- 17,152 ट्रेनों का संचालन, जो नियोजित 13,000 ट्रेनों से अधिक था।
- 7,667 विशेष ट्रेनें और 9,485 नियमित ट्रेनें यात्रियों के लिए चलाई गईं।
- 4.24 करोड़ श्रद्धालु केवल प्रयागराज के 9 रेलवे स्टेशनों से यात्रा कर चुके।
- रेलवे ने 66 करोड़ तीर्थयात्रियों की आवाजाही को सुचारू रूप से प्रबंधित किया।
प्रयागराज क्षेत्र में यात्री सुविधाओं का विस्तार
- 9 रेलवे स्टेशनों पर नए प्रवेश द्वार, 48 प्लेटफॉर्म, 21 फुट ओवर ब्रिज (FOB) का निर्माण।
- 1,186 सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन निगरानी से सुरक्षा कड़ी की गई।
- 23 स्थायी होल्डिंग एरिया यात्रियों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बनाए गए।
- 554 टिकट काउंटर (151 मोबाइल यूटीएस), क्यूआर-आधारित टिकटिंग की सुविधा।
- 21 रोड ओवर ब्रिज (ROB) और अंडर ब्रिज (RUB) का निर्माण सुगम आवागमन के लिए किया गया।

चिकित्सा और आपातकालीन तैयारियां
रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए चिकित्सा शिविर, एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और मोबाइल टॉयलेट की तैनाती की। अतिरिक्त खानपान सेवाएं, पार्सल यातायात पर नियंत्रण, ऐप-आधारित कर्मचारी तैनाती और ट्रेन संचालन की निरंतर निगरानी सुनिश्चित की गई।

भारतीय रेलवे की प्रतिबद्धता
रेल मंत्री ने इस अभूतपूर्व कार्य के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन को धन्यवाद दिया और गृह मंत्री अमित शाह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव सहित अन्य राज्यों की सरकारों के सहयोग की सराहना की।
भारतीय रेलवे के इस प्रयास ने महाकुंभ 2025 को इतिहास के सबसे सुगठित और सुव्यवस्थित आयोजनों में से एक बना दिया है।