भारतीय रेलवे ने कन्फर्म टिकट के कैंसिलेशन नियमों में बड़ा बदलाव किया है। नए नियमों के तहत अब रिफंड और पेनल्टी पूरी तरह इस बात पर निर्भर करेगी कि यात्री ट्रेन चलने से कितने समय पहले टिकट रद्द करता है। रेलवे का कहना है कि इससे प्रक्रिया आसान होगी और सिस्टम के दुरुपयोग पर भी रोक लगेगी।
⏱️ कैंसिलेशन पर नया नियम क्या कहता है?
72 घंटे पहले कैंसिलेशन: करीब 75% तक रिफंड मिलेगा, केवल तय चार्ज कटेगा
72 से 24 घंटे के बीच: किराए का 25% काटा जाएगा
24 से 8 घंटे के बीच: 50% तक राशि कटेगी
8 घंटे से कम समय: कोई रिफंड नहीं मिलेगा
🚉 बोर्डिंग स्टेशन बदलने में बड़ी राहत
रेलवे ने यात्रियों को राहत देते हुए बोर्डिंग स्टेशन बदलने के नियम भी आसान कर दिए हैं। अब यात्री ट्रेन के निर्धारित समय से 30 मिनट पहले तक अपना बोर्डिंग पॉइंट बदल सकेंगे।
पहले यह सुविधा केवल चार्ट बनने से पहले तक ही सीमित थी।
🛑 दलालों पर लगेगी लगाम
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि यह बदलाव टिकट दलालों पर रोक लगाने के लिए भी किया गया है। कई दलाल बड़ी संख्या में टिकट बुक कर बाद में कैंसिल कर मुनाफा कमाते थे। नए नियमों से ऐसी गतिविधियों पर अंकुश लगेगा।
📊 क्या होगा असर?
इन नए नियमों से यात्रियों को जहां अधिक सुविधा और लचीलापन मिलेगा, वहीं देर से टिकट कैंसिल करने पर ज्यादा नुकसान उठाना पड़ सकता है। साथ ही टिकट बुकिंग सिस्टम में पारदर्शिता भी बढ़ेगी।

