Table of Contents
रांची Ranchi स्थित DAV गांधीनगर स्कूल के बच्चों को स्पोर्ट्स टीचर द्वारा बुरी तरह पिटे जाने का मामला प्रकाश में आया है। बता दें कि खेल प्रतियोगिता में असफल छात्रों को वहाँ के स्पोर्ट्स टीचर आयुष कुमार सिन्हा के द्वारा डण्डे और बेल्ट से पीटे जाने का आरोप लगाया है। सभी बच्चे 10-12 साल के नाबालिग है।
बच्चों को स्पोर्ट्स टीचर द्वारा पिटे जाने पर आक्रोशित परिजनो ने थाने में लिखित शिकायत की
बच्चों का मेडिकल चेकअप कराया गया है। इधर मामला जब अभिभावकों के संज्ञान में आया तो पीड़ित बच्चों के परिजनो द्वारा गोंदा थाने में लिखित शिकायत की गई। वहीं परिजन आरोपी टीचर को अविलम्ब गिरफ्तार करने की मांग करने लगे।
12 से 13 बच्चों को बेल्ट एवं रॉड से पीटने का आरोप
दरअसल 22-23 जुलाई को बोकारो में आयोजित महात्मा हंस राज अंतर विद्यालय खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था जिसमें रांची स्थित डीएवी गांधीनगर स्कूल के नाबालिग बच्चें असफल रहे। यही बात स्पोर्ट्स टीचर को नागवार गुजरी और स्कूल के बच्चों को बुरी तरह से पीटकर घायल कर दिया। बच्चों में से 12 से 13 बच्चों के बेल्ट एवं जंग लगा रॉड से हाथ-पैर एवं शरीर के अंदरूनी हिस्से में मार कर गंभीर रूप से जख्मी कर दिया गया है।
खेल प्रतियोगिता में असफल छात्रों को कमरे में बंद कर पीटा गया
वहीं बच्चों के परिजनों ने बताया कि टूर्नामेंट में बच्चों के द्वारा अच्छा प्रदर्शन नहीं किये जाने के बाद स्पोर्ट्स टीचर ने कमरा को बंद करने के बाद सीसीटीवी कैमरा को रुमाल से ढंककर बच्चों को डंडा व बेल्ट से बुरी तरह पीटा गया।
परिजनों ने बताया कि बच्चों को इतना मारा गया कि शरीर के कई हिस्से में निशान भी आ गए। बच्चों ने जब इसकी जानकारी अपने परिजनों को दी तो आक्रोशित परिजन स्कूल पहुंचकर जमकर हंगामा किए।
शिक्षक द्वारा परिजन को सूचित करने पर टी.सी दिलवा देने की धमकी
इधर शिकायत में परिजनों ने बताया कि प्रतिभागी में हारे हुए बच्चों में से 12 से 13 बच्चों के बेल्ट एवं जंग लगा रॉड से हाथ-पैर एवं शरीर के अंदरूनी हिस्से में मार कर गंभीर रूप से जख्मी कर दिया गया है। जबकि बच्चों के द्वारा बताया गया कि खेल में हारने के कारण हम सभी बच्चों को वहाँ के रूम में बेरहमी से पिटाई की गई एवं धमकी दी गई कि अगर परिजन को सूचित किया तो स्कूल से टी.सी दिलवा देंगे।
प्रिंसिपल से शिकायत पर नहीं उठाए गए कोई कदम
प्रिंसिपल ने स्कूल आए परिजनों को आश्वासन दिया कि शिक्षक आयुष पर जरुर कार्रवाई की जाएगी। बच्चों को किसी भी हाल में मारना नहीं चाहिए था। हालांकि उक्त जानकारी अभिभावकों द्वारा स्कूल के प्रधानाध्यापक द्वारा दी गई परन्तु उनके द्वारा कोई भी संतुष्टजनक कदम नहीं उठाए जाने पर थाने में आवेदन देकर उचित कार्यवाही कर दोषी को दंड देने की मांग की गई।