कतरासगढ़ स्थित DAV +2 विद्यालय में शिक्षा व्यवस्था खुद संकट में घिर गई है। यहां पढ़ाने वाले शिक्षक, जो छात्रों का भविष्य संवारते हैं, आज खुद आर्थिक तंगी और भुखमरी के कगार पर पहुंच चुके हैं। जनवरी 2026 से अब तक चार महीने बीत चुके हैं, लेकिन शिक्षकों को एक भी महीने का वेतन नहीं मिला है।

🔹 शिक्षकों की दर्दभरी हकीकत
विद्यालय के शिक्षकों ने बताया कि:
चार महीने से वेतन पूरी तरह बंद है।
इसके बावजूद वे रोज स्कूल आकर करीब 2000 छात्रों को पढ़ा रहे हैं।
घर चलाना मुश्किल हो गया है, कई शिक्षक कर्ज लेने को मजबूर हैं।
🔹 जमीन पर हकीकत जानने पहुंचे सिद्धार्थ गौतम
जनता मजदूर संघ के महामंत्री सिद्धार्थ गौतम ने मंगलवार को विद्यालय पहुंचकर शिक्षकों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं।
शिक्षकों की स्थिति देखकर उन्होंने गहरी नाराजगी जताई।
“शिक्षकों का वेतन रोकना न केवल अन्याय है, बल्कि उनके मानवाधिकारों का सीधा उल्लंघन है।”
🔹 1969 का ऐतिहासिक स्कूल अब संकट में
1969 में मान्यता प्राप्त यह विद्यालय आज अपने अस्तित्व के सबसे बड़े संकट से जूझ रहा है।
मान्यता रद्द होने का खतरा मंडरा रहा है
नामांकन में गिरावट
कम वेतन और प्रशासनिक विवाद
इन सभी समस्याओं ने मिलकर स्कूल की स्थिति को बेहद कमजोर कर दिया है।
🔹 प्रशासन से लगाई गुहार
सिद्धार्थ गौतम ने धनबाद उपायुक्त से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है, ताकि:
शिक्षकों को उनका बकाया वेतन मिले
विद्यालय की स्थिति सुधरे
छात्रों का भविष्य सुरक्षित रह सके
🔹 मौके पर मौजूद रहे
इस दौरान शंकर चौहान, प्रभात मिश्रा, अनुज कुमार सिन्हा, विनय सिंह और राजीव रंजन मिश्रा सहित कई लोग मौजूद रहे।

