धनबाद नगर निगम के वार्ड नंबर 18 के चुनाव को लेकर विवाद अब अदालत तक पहुंच गया है। गुड़िया देवी द्वारा दायर चुनाव याचिका को सिविल जज (सीनियर डिविजन) कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। इस याचिका में नवनिर्वाचित पार्षद समीदा बीबी, रिटर्निंग ऑफिसर और स्टेट इलेक्शन कमीशन को पक्षकार बनाया गया है।
माननीय न्यायालय ने मामले की सुनवाई करते हुए सभी पक्षकारों को नोटिस जारी करने का आदेश दिया है। अब इस बहुचर्चित मामले की अगली सुनवाई 15 मई 2026 को निर्धारित की गई है, जिस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
यह मामला झारखंड म्युनिसिपल एक्ट 2011 की धारा 580 के तहत दर्ज किया गया है। विवाद की जड़ वार्ड नंबर 18 से चुनाव जीतने वाली समीदा बीबी के जाति प्रमाणपत्र को लेकर है।
पांडरपाला निवासी मनोहर कुमार महतो ने आरोप लगाया है कि वार्ड नंबर 18 ओबीसी-1 के लिए आरक्षित है, लेकिन समीदा बीबी ने गलत दस्तावेजों के आधार पर जाति प्रमाणपत्र बनवाकर चुनाव जीता है। उन्होंने इस मामले की शिकायत धनबाद के उपायुक्त और राज्य निर्वाचन आयोग, रांची से भी की है।
मनोहर महतो का कहना है कि चुनाव के दौरान दिए गए शपथपत्र में समीदा बीबी ने जो वंशावली प्रस्तुत की, वह नियमों के विपरीत है। उनके अनुसार, जाति प्रमाणपत्र बनवाने के लिए महिला को मायके पक्ष की वंशावली देनी होती है, जबकि समीदा ने ससुराल पक्ष की वंशावली प्रस्तुत की है।
इसके अलावा उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि समीदा बीबी का नाम दो अलग-अलग जगहों की मतदाता सूची में दर्ज है। एक नाम वार्ड नंबर 14 के बूथ संख्या 8 में है, जबकि दूसरा नाम डुमरी विधानसभा के बंदियो पंचायत के बूथ संख्या 351 में दर्ज बताया गया है।
फिलहाल कोर्ट के इस आदेश के बाद मामला और गरमा गया है, और अब सभी की निगाहें 15 मई की अगली सुनवाई पर टिकी हुई हैं, जहां इस विवाद में अहम फैसला सामने आ सकता है।

