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सरयू राय ने एक बार फिर से चिठ्ठी लिख कर सबको चौका दिया है। लेकिन इस बार वे झारखंड सरकार के कैबिनेट में मंत्री बन्ना गुप्ता पर ही आरोप लगातर हुए चिठ्ठी लिख दी। बता दें कि सरयू राय ने मंत्री बन्ना गुप्ता पर भ्रष्टाचार-मनी लाउंड्रिंग का गंभीर आरोप लगाते हुए ED को पत्र लिख कर जांच की मांग की है।
पद का दुरुपयोग कर बहरागोड़ा में 50 एकड़ की भूमि पर बनाया फॉर्म हाउस



सरयू राय ने Dhanbad के भाजपा प्रत्याशी ढुलू महतो पर भी आरोप लगा चुके है और इसके लिए राज्यपाल को पत्र भी भेजा है। सरयू राय ने कहा कि मंत्री ने पूर्वी सिंहभूम के बहरागोड़ा प्रखंड में बड़े पैमाने पर कृषि भूमि खरीदी है। उन्होंने आरोप लगाया है कि वहां 50 एकड़ से भी अधिक भूमि पर एक फॉर्म हाउस बनाया है। सरयू राय मंत्री पर लगाये गये सभी आरोपों की जांच कराने की मांग की है।
करोड़ों रुपये की दवाईयां ऊंची दरों पर खरीदने का आरोप
सरयू राय ने ED को पत्र में लिखा है कि स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने 2021-22 में कोविड प्रोत्साहन राशि का लाभ खुद और अपने कर्मियों को दिलवाया था। इनके कार्यकाल में स्वास्थ्य विभाग ने करोड़ों रुपये की दवाईयां ऊंची दरों पर खरीदी है। मंत्री की सांठ-गांठ से स्वास्थ्य विभाग में करोड़ों रूपये की दवाओं का घोटाला हुआ है।



एंबुलेंस और अस्पतालों के लिए जरूरी उपकरण खरीदने में भी भारी भ्रष्टाचार
सरयू ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में दवाओं के साथ एंबुलेंस और अस्पतालों के लिए जरूरी उपकरण खरीदने में भी भारी भ्रष्टाचार हुआ है। इसमें भी स्वास्थ्य मंत्री की भूमिका है।
चिकित्सा पदाधिकारियों का अवैध तरीके से ट्रांसफर करने का भी आरोप
इतना ही नहीं सरयू राय ने बन्ना गुप्ता पर कार्यपालिका नियमावली के प्रावधानों का उल्लंघन कर डॉक्टरों, सिविल सर्जन और वरिष्ठ चिकित्सा पदाधिकारियों का अवैध तरीके से ट्रांसफर करने का भी आरोप लगाया है। जबकि इसी के जरिए बड़े पैमाने पर मनी लाउंड्रिंग की है।


सरयू राय ने आयुष्मान घोटाला का भी लगाया आरोप
सरयू राय ने पत्र में स्वास्थ्य मंत्री पर आयुष्मान घोटाला का भी आरोप लगाया है कि अस्पतालों से मिलीभगत कर योजना मद में केंद्र और राज्य सरकार द्वारा दिये गये फंड का दुरुपयोग किया है। वहीं इसके अलावा आयुष्मान भारत-मुख्यमंत्री आरोग्य योजना में भी मंत्री ने गड़बड़ी की है।
आरोप पत्र में उल्लेखित 10 बिन्दुओं के माध्यम से स्वास्थ्य मंत्री के भ्रष्ट आचरण के कारण सरकारी खजाने पर भारी चपत पड़ा है। एंबुलेंस और अस्पतालों के लिए जरूरी उपकरणों की खरीद में अनियमितता बरतना, अनधिकृत रूप से चिकित्सकों, सिविल सर्जनों एवं अन्य वरिष्ठ चिकित्सा पदाधिकारियों का तबादला करना तथा आयुष्मान योजना से आच्छादित अस्पतालों के साथ साँठ-गाँठ के लिए निःशुल्क सहयोग करने वाले परामर्शी की बहाली करना आदि आरोपों का ज़िक्र प्रवर्तन निदेशालय को प्रेषित आरोप पत्र में है।