झारखंड के हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र में 12 वर्षीय बच्ची की हत्या मामले में पुलिस ने बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा किया है। इस जघन्य वारदात के पीछे अंधविश्वास और साजिश की खौफनाक कहानी सामने आई है।
🔎 SIT जांच में हुआ खुलासा
डीआईजी अंजनी कुमार झा ने प्रेस वार्ता में बताया कि मंगला जुलूस के दौरान हुई इस घटना के बाद मृत बच्ची की मां रेशमी देवी के आवेदन पर विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और गहन पूछताछ के आधार पर मामले की परत-दर-परत जांच की।
⚠️ मां ही निकली साजिश की मुख्य कड़ी
जांच में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि इस हत्या की साजिश में खुद मृतिका की मां रेशमी देवी शामिल थी। पुलिस ने गांव की एक महिला शांति देवी (ओझा/तांत्रिक) और भीम राम को भी आरोपी बनाया है।
🕯️ अंधविश्वास बना हत्या की वजह
पुलिस के अनुसार, तांत्रिक शांति देवी ने रेशमी देवी को बहलाकर यह विश्वास दिलाया कि उसके बीमार बेटे को ठीक करने के लिए एक कुंवारी लड़की की बलि देना जरूरी है। इसी अंधविश्वास में आकर यह खौफनाक साजिश रची गई।
👥 अवैध संबंध और साजिश
जांच में यह भी सामने आया कि भीम राम का रेशमी देवी के साथ अवैध संबंध था। वारदात को अंजाम देने के लिए उसे भी साजिश में शामिल किया गया। नवमी के दिन को चुनकर तीनों ने मिलकर बच्ची की हत्या कर दी।
🚔 तीनों आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
😨 इलाके में दहशत और आक्रोश
इस घटना के खुलासे के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। लोग हैरान और स्तब्ध हैं कि अंधविश्वास के चलते एक मां ने ही अपनी मासूम बच्ची की जान ले ली।

