डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : सरायकेला नगर पंचायत के उपाध्यक्ष पद के लिए अविनाश कवि को निर्विरोध चुन लिया गया है। शुरुआत में इस पद के लिए दो दावेदार थे—अविनाश कवि और उत्तम कुमार महंती। दोनों के बीच कड़ा मुकाबला होने की उम्मीद थी, लेकिन आखिरी समय पर उत्तम महंती ने अपना नाम वापस ले लिया, जिससे अविनाश कवि की जीत पक्की हो गई।
मनोज चौधरी की रणनीति
इस जीत के पीछे नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज चौधरी की सोची-समझी रणनीति मानी जा रही है।
बड़ा मुकाबला: एक तरफ राज्य के कद्दावर नेता चम्पाई सोरेन की टीम अपने पसंदीदा प्रत्याशी को जिताने की कोशिश कर रही थी, वहीं दूसरी तरफ अध्यक्ष मनोज चौधरी अपने करीबी अविनाश कवि को जिताने पर अड़े थे।
पार्षदों की घेराबंदी: विरोधियों की सेंधमारी से बचने के लिए मनोज चौधरी ने अपने समर्थक वार्ड पार्षदों को ओडिशा के पुरी भेज दिया था ताकि वे किसी और के प्रभाव में न आएं।
नतीजा: चम्पाई सोरेन की टीम तमाम कोशिशों के बावजूद पार्षदों का समर्थन नहीं जुटा पाई और अंततः मनोज चौधरी की राजनीतिक बिसात सफल रही।
जीत के बाद का माहौल
निर्विरोध चुने जाने के बाद अविनाश कवि ने नगर के विकास का वादा किया है और उत्तम महंती को उनके फैसले के लिए धन्यवाद दिया। फिलहाल पूरे सरायकेला में मनोज चौधरी की दूरदर्शी राजनीति और मैनेजमेंट की काफी चर्चा हो रही है।

