डिजिटल डेस्क।कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर कड़ा प्रहार करते हुए आरोप लगाया है कि राज्य सरकार एसआइआर जैसे गंभीर मुद्दों पर ‘सस्ती राजनीति’ कर रही है। मंगलवार को कोलकाता के धर्मतल्ला में भाजयुमो द्वारा आयोजित एक विशाल युवा रैली को संबोधित करते हुए सुवेंदु ने बंगाल की वर्तमान स्थिति के लिए सीधे तौर पर मुख्यमंत्री को जिम्मेदार ठहराया।
मुख्य बिंदु
कुशासन का आरोप: सुवेंदु ने दावा किया कि पिछले 15 वर्षों के कुशासन और भ्रष्टाचार के कारण बंगाल के युवा पलायन को मजबूर हैं।
रोजगार का मुद्दा: ‘नियोग चाहिए, भाजपा चाहिए’ के नारों के बीच युवाओं ने स्थायी सरकारी नौकरियों की मांग की।
चुनावी वादा: भाजपा की सरकार बनने पर बंगाल में ही रोजगार सुनिश्चित करने का भरोसा दिलाया।
पलायन के लिए ‘भ्रष्टाचार’ जिम्मेदार
वरिष्ठ भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि ममता सरकार की गलत नीतियों के चलते राज्य के लाखों शिक्षित युवा रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों का रुख कर रहे हैं। उन्होंने कोविड महामारी के आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया कि उस दौरान करीब 8 लाख युवा काम की तलाश में बंगाल से बाहर गए थे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री शिक्षित युवाओं को रोजगार देने में विफल रही हैं और भ्रष्टाचार के कारण शिक्षकों की नौकरियों की गारंटी भी नहीं दे पा रही हैं।
चुनावी वादों और योजनाओं पर घेरा
- इम्प्लाइज बैंक की विफलता: मुख्यमंत्री ने युवाओं को 1,500 रुपये देने की घोषणा की थी, जिसे दो किस्तों के बाद बंद कर दिया गया।
- SIR पर राजनीति: मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण (SIR) जैसे प्रशासनिक कार्यों को ममता बनर्जी राजनीतिक ढाल की तरह इस्तेमाल कर रही हैं।
मुख्यमंत्री को भेजेंगे पत्र
इस रैली का उद्देश्य राज्यव्यापी अभियान के तहत हजारों युवाओं के लिए स्थायी नौकरियों की मांग करना है। रैली में शामिल सभी प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री को एक पत्र भेजकर अपनी मांगों से अवगत कराएंगे। सुवेंदु ने स्पष्ट किया कि अगर आगामी विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में भाजपा की सरकार बनती है, तो बंगाल के युवाओं को नौकरी के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा।

