ऑपरेशन WILEP के तहत रेलवे सुरक्षा बल ने वन्यजीव तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। ट्रेन संख्या 13010 (योग नगरी ऋषिकेश–हावड़ा दून एक्सप्रेस) के जनरल कोच से Indian Flapshell (Lissemys punctata) प्रजाति के कुल 44 जीवित कछुओं को लावारिस हालत में बरामद किया गया है। यह कार्रवाई गोमोह और धनबाद के बीच की गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, वरीय मंडल सुरक्षा आयुक्त के निर्देशन में प्रभारी निरीक्षक के नेतृत्व में गठित पोस्ट स्तरीय टास्क टीम एवं CIB/DHN की संयुक्त टीम ने 17–18 फरवरी 2026 की रात्रि आपराधिक गश्त और निगरानी के दौरान गुप्त सूचना पर कार्रवाई की। मुखबिर से सूचना मिली थी कि दून एक्सप्रेस में कछुओं की तस्करी की जा रही है।
सूचना के आधार पर टीम गोमो पहुंची और ट्रेन के खुलने के बाद जांच की गई। इंजन की ओर से पहले सामान्य कोच (ER 225030/C) में यात्री सीट के नीचे एक काला बैग और दो सफेद व रंग-बिरंगे झोले लावारिस अवस्था में पाए गए। आसपास बैठे यात्रियों से पूछताछ करने पर किसी ने भी इन सामानों पर अपना दावा नहीं किया।
संदेह गहराने पर यात्रियों की मौजूदगी और वीडियो रिकॉर्डिंग के साथ जब बैग और झोलों की जांच की गई, तो अंदर जूट के बोरों में रखे जीवित कछुए पाए गए। इसी दौरान ट्रेन रात करीब 01:25 बजे धनबाद स्टेशन पहुंची। मौके पर मौजूद बलकर्मियों की मदद से बरामद कछुओं को प्लेटफॉर्म संख्या–01 पर उतारा गया।
गवाहों की मौजूदगी में दोबारा जांच करने पर कुल 44 अदद जीवित कछुए बरामद हुए। इसके बाद समय करीब 01:45 बजे विधिवत जब्ती सूची बनाकर कछुओं को जब्त किया गया और RPF पोस्ट धनबाद लाया गया। सभी कछुए वन्य जीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के अंतर्गत संरक्षित हैं, जिन्हें वन विभाग को सुपुर्द करने की प्रक्रिया जारी है।
जब्ती विवरण:
लावारिस बैग व झोलों से बरामद Indian Flapshell (Lissemys punctata) प्रजाति के कुल 44 जीवित कछुए; जब्ती अज्ञात के विरुद्ध दर्ज की गई।

