SIR में गड़बड़ी पर चुनाव आयोग का सख्त एक्शन, पश्चिम बंगाल में 7 अधिकारी निलंबित

KK Sagar
4 Min Read
चुनाव आयोग

पश्चिम बंगाल में आने वाले कुछ हफ्तों में विधानसभा चुनाव की तिथियों के ऐलान से पहले चुनाव आयोग ने बड़ा और सख्त कदम उठाया है। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में गंभीर अनियमितताओं को लेकर आयोग ने पश्चिम बंगाल में 7 अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के प्रशासन के लिए कड़ा संदेश मानी जा रही है।

चुनाव आयोग ने निलंबित अधिकारियों पर गंभीर कदाचार, कर्तव्य में लापरवाही और वैधानिक शक्तियों के दुरुपयोग के आरोप लगाए हैं। आयोग ने जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 13CC के तहत अपने अधिकारों का प्रयोग करते हुए यह कदम उठाया है। साथ ही पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को निर्देश दिया गया है कि संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध उनके मूल कैडर द्वारा तत्काल विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाए और इसकी जानकारी बिना किसी देरी के आयोग को दी जाए।

आयोग के अनुसार, चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण एक अत्यंत संवेदनशील प्रक्रिया होती है, जिससे यह सुनिश्चित किया जाता है कि योग्य मतदाताओं के नाम सूची में शामिल हों और अपात्र नाम हटाए जाएं। यदि इस प्रक्रिया में लापरवाही या दुरुपयोग होता है, तो इससे पूरे चुनाव की विश्वसनीयता प्रभावित हो सकती है।

निलंबित किए गए अधिकारियों में मुर्शिदाबाद जिले की 56 समसेरगंज विधानसभा क्षेत्र के सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (AERO) डॉ. सेफौर रहमान शामिल हैं, जो कृषि विभाग में सहायक निदेशक हैं। इसके अलावा 55 फरक्का विधानसभा क्षेत्र के AERO और फरक्का के राजस्व अधिकारी नितीश दास को भी निलंबित किया गया है।

16 मयनागुड़ी विधानसभा क्षेत्र की AERO एवं महिला विकास अधिकारी डालिया रे चौधरी, 57 सूती विधानसभा क्षेत्र के AERO शेख मुर्शिद आलम, 139 कैनिंग पूर्व विधानसभा क्षेत्र के दो AERO — सत्यजीत दास और जॉयदीप कुंडू — तथा 229 देबरा विधानसभा क्षेत्र के जॉइंट बीडीओ और AERO देबाशीष बिस्वास पर भी आयोग ने तत्काल कार्रवाई की है।

प्रशासनिक हलकों में आयोग की इस कार्रवाई को कड़ा संदेश माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में बेहद अहम है। हालांकि, अभी तक राज्य सरकार की ओर से इस मामले पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन मुख्य सचिव को दिए गए निर्देशों के बाद विभागीय स्तर पर हलचल तेज हो गई है।

इस बीच, पांच राज्यों में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों के मद्देनजर चुनाव आयोग आज से तीन दिवसीय असम दौरे पर भी रहेगा। 16 से 18 फरवरी तक चलने वाले इस दौरे के दौरान आयोग राज्य में चुनावी व्यवस्थाओं, सुरक्षा इंतजामों, मतदाता सूची, बूथ प्रबंधन और आदर्श आचार संहिता के पालन की विस्तृत समीक्षा करेगा। विभिन्न राजनीतिक दलों, वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठकें कर आयोग का उद्देश्य स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करना है।

Share This Article
उत्कृष्ट, निष्पक्ष, पारदर्शिता और ईमानदारी - पत्रकारिता की पहचान है k k sagar....✍️....