राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नवनियुक्त कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी यादव के पदभार संभालने के बाद आज पहली बार पार्टी मुख्यालय पहुंचे। जहां कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उनका भव्य स्वागत किया।राजद कार्यालय में शनिवार को आयोजित एक कार्यक्रम में तेजस्वी को अधिकारिक रूप से कमान सौंपी गई। इस दौरान समर्थकों ने तेजस्वी को चांदी का मुकुट भी पहनाया।
तेजस्वी ने संभाली नई जिम्मेदारी
राजद कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान तेजस्वी यादव को औपचारिक रूप से नई जिम्मेदारी सौंपी गई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि इतनी बड़ी जिम्मेदारी मिलने के बाद वे इसे पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ निभाएंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिस तरह लालू प्रसाद यादव ने कभी अपनी विचारधारा से समझौता नहीं किया, उसी तरह वे भी पार्टी की वैचारिक जमीन से पीछे नहीं हटेंगे।
सरकार तंत्र की चोरी से बनी-तेजस्वी
तेजस्वी यादव ने मौजूदा सरकार पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि यह सरकार तंत्र की चोरी से बनी है और इसके खिलाफ राजद लगातार आवाज उठाता रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं को झूठे मामलों में फंसाया जा रहा है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
तेजस्वी यादव कब बने थे कार्यकारी अध्यक्ष?
तेजस्वी यादव को आधिकारिक तौर पर 25 जनवरी 2026 को राष्ट्रीय जनता दल का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। ये महत्वपूर्ण घोषणा पटना में आयोजित राजद की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के दौरान की गई थी। पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने खुद तेजस्वी यादव को नियुक्ति पत्र सौंपा था। राजद के इतिहास में ये पहली बार है जब ‘कार्यकारी अध्यक्ष’ जैसा कोई पद सृजित किया गया, फिर लालू यादव ने अपना सियासी उत्तराधिकारी बना दिया।

