जिला मुख्यालय, सरकारी कार्यालयों में हर्षोल्लास के साथ मनाई गई राष्ट्रपिता महात्मा गांधी व पूर्व प्रधानमंत्री शास्त्री जी की जयंती

Manju
By Manju
3 Min Read

जमशेदपुर : देश आजादी का 75वां वर्षगांठ ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के रूप में मना रहा है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी व देश के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का जन्मदिवस जिला मुख्यालय, सभी प्रखंड कार्यालय व अन्य सरकारी कार्यालयों में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इसी कड़ी में आज राष्ट्रपिता महात्मा गांधी व देश के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के जन्मदिवस के अवसर पर जिला जनसंपर्क कार्यालय सभागार में सेमिनार सह विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ दीप प्रज्ववलित व देश के दोनों महान विभूतियों की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर किया गया। सेमिनार में वक्ता के रूप में गांधी सेवा प्रतिष्ठान के संयोजक अरविंद अंजुम, कवि व साहित्यकार आशुतोष कुमार झा शामिल हुए।

स्वागत सम्बोधन में जिला जनसंपर्क पदाधिकारी रोहित कुमार द्वारा संक्षेप में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के जीवनी पर प्रकाश डाला गया व देशवासियों के सामने इन महापुरुषों द्वारा स्थापित किए गए आदर्शों पर चलने की बात कही गई। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जीवन से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण प्रसंगों का उल्लेख करते हुए अरविंद अंजुम ने कहा कि गांधी जी को समझने के लिए उनके सोचने के तरीका को समझना जरूरी है। गांधी-चैप्लिन मुलाकात हो या हिंद स्वराज पुस्तक में गांधीजी का प्रश्नोत्तरी के रूप में लेखन को स्मरण करते हुए उन्होंने बताया कि कैसे देश की आजादी के साथ साथ सामान्य मानवीय मूल्यों के लिए भी राष्ट्रपिता संवेदनशील रहते थे। देश की आजादी में राष्ट्रपिता के अमूल्य योगदान तथा आजादी की लड़ाई के दौरान के उनकी जीवन यात्रा पर सेमिनार में उपस्थित सदस्यों को जानकारी दी।

देश के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के जीवन दर्शन पर अपनी बात रखते हुए आशुतोष कुमार झा ने कहा कि देश का दुर्भाग्य रहा कि उनका प्रधानमंत्री के रूप में कार्यकाल मात्र 19 महीने का रहा। देश में खाद्यान संकट उत्पन्न होने पर सहकारिता पर आधारित उनका हरित क्रांति का आंदोलन देश को खाद्यान्न संकट से उबारने में काफी सफल रहा जिसने पंजाब, हरियाणा, यूपी से शुरू होकर बाद में पूरे देश में क्रांति का रूप लिया। प्रधानमंत्री बनने से पहले लाल बहादुर शास्त्री ने विभिन्न मंत्रालयों में भी योगदान दिए। संसद में जवाहरलाल नेहरू ने एक बार कहा था अत्यंत ईमानदार, दृढ़ संकल्पित, शुद्ध आचरण, ऊंचे आदर्शों में आस्था रखने वाले, निंरतर सजग व्यक्तित्व के धनी हैं लाल बहादुर शास्त्री। इस कार्यक्रम में जिला जनसंपर्क कार्यालय के पदाधिकारी, कर्मचारी, पत्रकारगण, नुक्कड़ नाटक टीम के सदस्य व शहर के अन्य गणमान्य लोग शामिल हुए। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी व देश के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का जन्मदिवस जिला मुख्यालय, सभी प्रखंड कार्यालय व अन्य सरकारी कार्यालयों में भी हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *