मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी माने जाने वाले जेडीयू विधायक अमरेंद्र कुमार पांडेय उर्फ पप्पू पांडेय की मुश्किलें बढ़ गई हैं। भू-माफियाओं को संरक्षण देने के मामले में उनके खिलाफ कोर्ट से वारंट जारी किया गया है। इस मामले में विधायक के बड़े भाई सतीश पांडेय और राहुल तिवारी पर भी कार्रवाई की तलवार लटक रही है।
एमपी-एमएलए कोर्ट का कड़ा रूख
गोपालगंज की विशेष एमपी-एमएलए अदालत ने सत्ताधारी दल के विधायक अमरेंद्र कुमार पांडेय उर्फ पप्पू पांडेय के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। विधायक समेत उनके भाई सतीश पांडेय और चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) राहुल तिवारी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया गया है। जमीन कब्जाने के लिए रची गई साजिश और हिंसा के मामले में कार्रवाई की गई है।
कभी भी हो सकती है गिरफ्तारी
पुलिस कभी भी इनकी गिरफ्तारी कर सकती है। कोर्ट से वारंट निर्गत होने के बाद एसपी विनय तिवारी के निर्देश पर पुलिस लगातार छापेमारी अभियान चला रही है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए तीनों आरोपित फरार हैं। पुलिस अब उनके सहयोगियों और अन्य ठिकानों पर नजर रख रही है ताकि जल्द से जल्द उन्हें हिरासत में लिया जा सके।
क्या है मामला?
जानकारी के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई कुचायकोट थाने में दर्ज एक प्राथमिकी के आधार पर की जा रही है। पूरा मामला भू-माफियाओं के साथ साठगांठ कर करोड़ों की संपत्ति हथियाने से जुड़ा है। आरोपियों पर आरोप है कि उन्होंने फर्जी कागजात तैयार कर कुचायकोट थाना क्षेत्र के बेलवा गांव में स्थित 16 एकड़ 93 डिसमिल जमीन पर अवैध कब्जा करने की साजिश रची गई। ये जमीन किरण सिन्हा नाम की महिला की बताई जा रही है, जिसे हथियाने के लिए विधायक और उनके साथियों ने कथित तौर पर आपराधिक षड्यंत्र रचा।
कौन हैं जेडीयू विधायक पप्पू पांडेय
पप्पू पांडेय की पहचान बिहार के प्रभावशाली और बाहुबली नेताओं में होती रही है। वे गोपालगंज के कुचायकोट विधानसभा क्षेत्र से लगातार चौथी बार विधायक हैं। अपने राजनीतिक सफर में वे निर्दलीय समेत विभिन्न दलों से जुड़े रहे, जबकि वर्तमान में वे जनता दल यूनाइटेड के टिकट पर विधायक हैं। उनका प्रभाव गोपालगंज के साथ-साथ आसपास के जिलों जैसे सीवान और उत्तर प्रदेश के देवरिया तक माना जाता है। उनके परिवार के अन्य सदस्य भी सक्रिय राजनीति में रहे हैं।
पहले भी विवादों में रहा नाम
इलाके में पप्पू पांडेय की पहचान एक बाहुबली नेता के रूप में है। उनका नाम अक्सर विवादित मामलों से जुड़ता रहता है। विधायक पर पहले भी हत्या, रंगदारी और अपहरण जैसे गंभीर मामलों के आरोप लगते रहे हैं। हालांकि, वे खुद को हमेशा जनता का सेवक बताते आए हैं। हालिया भू-माफिया संरक्षण मामले ने एक बार फिर उन्हें सुर्खियों में ला दिया है।

