‘इस याचिका में कोई दम नहीं’,लालू यादव को लैंड-फॉर-जॉब्स मामले में बड़ा झटका, हाई कोर्ट से अर्जी खारिज

Neelam
By Neelam
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राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो लालू प्रसाद दव को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने लैंड-फॉर-जॉब्स मामले में सीबीआई की प्राथमिकी और आरोपपत्र रद्द करने की लालू प्रसाद यादव की याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने इस मामले में अहम टिप्पणी की है।

कोर्ट ने कहा-याचिका में कोई दम नहीं

न्यायमूर्ति रविंदर डुडेजा ने पूर्व रेल मंत्री एवं बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री यादव की याचिका खारिज कर दी। जिसमें 2022, 2023 और 2024 में दायर तीन आरोपपत्रों और बाद के संज्ञान लेने के आदेशों को रद्द करने का अनुरोध भी किया गया था। न्यायाधीश ने फैसला सुनाते हुए कहा, ‘याचिका में कोई दम नहीं है, इसलिए इसे खारिज किया जाता है।’

राबड़ी देवी की याचिका पर सीबीआई से जवाब मांगा

इससे पहले हाईकोर्ट ने सोमवार को नौकरी के बदले जमीन मामले में बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की याचिका पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जवाब मांगा। न्यायमूर्ति मनोज जैन की एकल पीठ ने राबड़ी देवी की याचिका पर नोटिस जारी किया और मामले की अगली सुनवाई 1 अप्रैल को निर्धारित की है। राबड़ी देवी ने ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें उन्हें 1,600 से अधिक अप्रयुक्त दस्तावेज उपलब्ध कराने से इन्कार किया गया था। यह दस्तावेज जांच एजेंसी सीबीआई द्वारा जब्त किए गए थे, लेकिन अभियोजन पक्ष ने इन्हें अपनी चार्जशीट में शामिल नहीं किया है।

क्या है मामला?

‘जमीन के बदले नौकरी’ का मामला लालू यादव के रेल मंत्री रहते हुए 2004 से 2009 के दौरान मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित भारतीय रेलवे के पश्चिम मध्य जोन में की गई ग्रुप डी नियुक्तियों से संबंधित है। पीटीआई के मुताबिक अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि ये नियुक्तियां कथित तौर पर आरजेडी सुप्रीमो के परिवार या सहयोगियों के नाम पर भर्ती किए गए लोगों द्वारा गिफ्ट में दी गई या ट्रांसफर की गई जमीनों के बदले की गई थीं। इस मामले में 18 मई, 2022 को लालू यादव और उनकी पत्नी राबड़ी देवी, दो बेटियों, अज्ञात सरकारी अधिकारियों और निजी व्यक्तियों सहित अन्य लोगों के खिलाफ दर्ज किया गया था।

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