शिक्षा में लापरवाही पड़ेगी भारी: उपायुक्त ने दिए सख्त निर्देश, 18 हजार बच्चों के खाते खुलवाने पर जोर!

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित हुई, जिसमें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया गया। उपायुक्त ने सभी प्रखंडों की शैक्षणिक प्रगति की गहन समीक्षा की और विद्यालयों की आधारभूत कार्यप्रणाली, शिक्षकों की उपस्थिति, छात्रों को दी जाने वाली सुविधाएं और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को बच्चों के समग्र विकास के लिए अत्यंत आवश्यक बताया।

18 हजार बच्चों के बैंक खाते न खुलने पर जताई नाराजगी, जल्द खोलने के निर्देश
बैठक में यह चिंता जताई गई कि जिले में लगभग 18 हजार बच्चों के बैंक खाते अब तक नहीं खुल पाए हैं। उपायुक्त ने सभी बीईईओ और एलडीएम को आपसी समन्वय स्थापित कर प्राथमिकता के आधार पर इन सभी बच्चों के बैंक खाते खोलने के निर्देश दिए। उन्होंने लंबित आवेदनों की बैंकवार जांच करने को भी कहा।

ऑनलाइन उपस्थिति और वितरण कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
शिक्षकों और बच्चों की ऑनलाइन उपस्थिति की समीक्षा करते हुए, उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों में शिक्षक और छात्रों की उपस्थिति प्रतिदिन ‘ई-विद्या वाहिनी’ पोर्टल पर अपलोड की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि उपस्थिति डेटा में किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा।
किताब और नोटबुक वितरण की धीमी प्रगति पर उपायुक्त ने नाराजगी व्यक्त की और सभी बीईईओ को निर्धारित समयसीमा के भीतर शत-प्रतिशत बच्चों के बीच वितरण कार्य पूरा करने का निर्देश दिया। बैग वितरण के संबंध में मिली सूचना पर उन्होंने कहा कि यदि क्षेत्र भ्रमण के दौरान किसी छात्र को बैग न मिलने की शिकायत मिली, तो संबंधित पदाधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।

गुरुजी’ मोबाइल एप और ‘रेल परियोजना’ पर विशेष जोर
उपायुक्त ने सभी सरकारी विद्यालयों को ‘गुरुजी’ मोबाइल एप पर विषयवार विभाजित पाठ्यक्रम (Split Syllabus) अपलोड करने का निर्देश दिया, जिससे छात्रों को पढ़ाई में स्पष्टता और योजना के अनुसार अध्ययन करने में सुविधा होगी। उन्होंने ‘रेल परियोजना’ (Rail Project) के अंतर्गत आयोजित गतिविधियों और परिणामों से संबंधित समस्त डेटा को सभी विद्यालयों द्वारा ‘ई-विद्या वाहिनी’ पोर्टल पर अद्यतन करने का भी निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि यह गतिविधि राज्य स्तर पर मॉनिटर की जा रही है, अतः इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही अस्वीकार्य होगी।

छात्रों के स्वास्थ्य और पोषण पर विशेष ध्यान
‘IFA टैबलेट’ (Iron Folic Acid) के नियमित वितरण की प्रगति की समीक्षा करते हुए, उपायुक्त ने सभी सरकारी विद्यालयों के शिक्षकों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि योग्य छात्र-छात्राओं को निर्धारित मात्रा में IFA टैबलेट प्रदान की जाए। मध्याह्न भोजन योजना (MDM) की समीक्षा के दौरान, उपायुक्त ने सभी बीईईओ को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि छात्रों को दिया जाने वाला भोजन विभाग द्वारा निर्धारित मेनू के अनुसार हो और वह पोषणयुक्त व स्वच्छ वातावरण में तैयार किया गया हो। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी विद्यालय में भोजन की गुणवत्ता मानक के अनुरूप नहीं पाई गई, तो संबंधित पदाधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने इस योजना को बच्चों की पोषण सुरक्षा से जुड़ा बताते हुए किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त न करने की बात कही।

आधारभूत संरचना और अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर समीक्षा
विद्यालयों में आधारभूत संरचना निर्माण से संबंधित लंबित कार्यों की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि बैलेंस वर्क के लिए जल्द एस्टिमेट तैयार कर प्रस्ताव अनुमोदन हेतु भेजा जाए ताकि निर्माण कार्य समयबद्ध रूप से पूरे किए जा सकें। इसके अलावा ड्रॉपआउट दर, लर्निंग आउटकम्स, कक्षा 1 से 10 तक के ट्रांजिशन रेट, विद्यालयों में टीचिंग-लर्निंग सामग्री की उपलब्धता, स्कूल मैनेजमेंट कमिटी (SMC) की सक्रियता आदि बिंदुओं की भी विस्तृत समीक्षा की गई।

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