आज महानवमी : मां सिद्धिदात्री की पूजा से मिलेगी सिद्धि, जानें शुभ मुहूर्त, कन्या पूजन विधि और महत्व

KK Sagar
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27 मार्च 2026, शुक्रवार को चैत्र नवरात्रि की नवमी तिथि यानी महानवमी का पावन पर्व श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जा रहा है। आज के दिन मां दुर्गा के नौवें स्वरूप देवी सिद्धिदात्री की पूजा का विशेष महत्व है। इसी के साथ नौ दिनों तक चलने वाले नवरात्र पर्व का समापन भी आज हो रहा है।

🕉️ शुभ मुहूर्त

धार्मिक पंचांग के अनुसार, नवमी तिथि का समापन आज सुबह 10:06 बजे तक हो जाएगा।

👉 कन्या पूजन का शुभ समय: सुबह 06:17 बजे से 10:08 बजे तक

🌸 मां सिद्धिदात्री का महत्व

मान्यता है कि मां सिद्धिदात्री की सच्चे मन से पूजा करने पर भक्तों को ज्ञान, सिद्धि और मोक्ष की प्राप्ति होती है। मां अपने भक्तों के सभी कष्टों को दूर कर सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं।

👧 कन्या पूजन की परंपरा

महानवमी के दिन कन्या पूजन का विशेष महत्व होता है।

छोटी कन्याओं को घर बुलाकर उनके पैर धोए जाते हैं

तिलक लगाकर उन्हें हलवा, पूरी और काले चने का प्रसाद खिलाया जाता है

एक बालक को भैरव रूप मानकर साथ बैठाया जाता है

अंत में उपहार व दक्षिणा देकर आशीर्वाद लिया जाता है

🪔 पूजा विधि

सबसे पहले कलश और अखंड ज्योति की पूजा करें

मां दुर्गा और मां सिद्धिदात्री का गंगाजल से अभिषेक करें

रोली-चावल से तिलक कर लाल फूल अर्पित करें

दुर्गा चालीसा, दुर्गा सप्तशती और मंत्रों का जाप करें

आरती के बाद हवन और कन्या पूजन करें

अंत में क्षमा याचना अवश्य करें

🍛 भोग में क्या चढ़ाएं

मां सिद्धिदात्री को प्रसन्न करने के लिए

👉 हलवा, पूरी, काले चने, खीर

👉 नारियल और मौसमी फल चढ़ाना शुभ माना जाता है

🐅 मां का स्वरूप

मां सिद्धिदात्री सिंह पर सवार होती हैं और कमल पुष्प पर विराजमान रहती हैं। उनकी चार भुजाएं होती हैं, जिनमें गदा, चक्र, कमल और शंख सुशोभित रहते हैं।

📿 मान्यता: इस दिन विधि-विधान से पूजा करने पर पूरे नवरात्रि का फल प्राप्त होता है और जीवन में सुख-शांति व समृद्धि का वास होता है।

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