पाकुड़। हिंदू धर्मावलंबियों के लिए वर्षों से आस्था का केंद्र रहे महेशपुर प्रखंड के भौरीकुचा शिव मंदिर एवं जिला मुख्यालय स्थित जटाधारी शिव मंदिर को पर्यटन विभाग ने डी श्रेणी पर्यटन स्थल का दर्जा देने की स्वीकृति प्रदान कर दी है। इससे दोनों धार्मिक स्थलों को पर्यटन के रूप में विकसित करने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
श्रद्धालुओं को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
डी श्रेणी पर्यटन स्थल का दर्जा मिलने के बाद इन दोनों मंदिर परिसरों में आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विभिन्न विकास कार्य किए जाएंगे। इससे पूजा-अर्चना के साथ-साथ दर्शन के लिए आने वाले लोगों को बेहतर व्यवस्था उपलब्ध होगी।
आधारभूत संरचनाओं का होगा विकास
जिला खेल सह पर्यटन पदाधिकारी राहुल कुमार ने बताया कि दोनों धार्मिक स्थलों पर सौंदर्याकरण, संपर्क पथ निर्माण, पेयजल व्यवस्था, शौचालय, विद्युत व्यवस्था सहित अन्य आवश्यक आधारभूत संरचनाओं का विकास किया जाएगा।
पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा, रोजगार के खुलेंगे अवसर
धार्मिक स्थलों के पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होने से दूर-दराज से श्रद्धालु और पर्यटक यहां पहुंचेंगे। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर सृजित होंगे तथा क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी।
उपायुक्त स्तर से भेजा गया था प्रस्ताव
जिला खेल सह पर्यटन पदाधिकारी ने बताया कि उपायुक्त स्तर से दोनों धार्मिक स्थलों को डी श्रेणी पर्यटन स्थल का दर्जा देने के लिए प्रस्ताव पर्यटन विभाग को भेजा गया था, जिसे स्वीकृति मिल गई है।

