वीमेंस यूनिवर्सिटी में उर्दू दिवस का आयोजन संपन्न

Manju
By Manju
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जमशेदपुर : वीमेंस यूनिवर्सिटी में शनिवार को उर्दू दिवस कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए कुलपति प्रो. (डॉ.) अंजिला गुप्ता ने कहा कि उर्दू मीठी जबान है। इसे कोई भी बोले वो कानों में शीरे जैसा उतरता है। उन्होंने बताया की दुनिया में बोली जाने वाली 27 भाषाओं में उर्दू 9वें स्थान पर है और इसे 11 करोड़ लोग बोलते हैं। इसे हिन्दवी, रेख्ता, हिंदुस्तानी भी कहते हैं। यह तहजीब की भाषा है। यह जितनी कम शब्दकोशीय या कम-किताबी हो, उतनी ही आगे बढ़ेगी।

यूनिवर्सिटी के म्यूजिक डिपार्टमेंट के हेड डॉ. सनातन दीप ने अमीर खुसरो की कवाल्ली ‘छाप तिलक सब छीनी’ की शानदार प्रस्तुति दी। मौके पर मुख्य अतिथि करीम सिटी कॉलेज के उर्दू विभाग के हेड प्रो. अहमद बद्र ने कवाल्ली का जिक्र करते हुए बताया कि आमिर खुसरो न केवल उर्दू के पहले अजीम शायर थे बल्कि आदि कवि भी थे। कहा जाता है कि उर्दू प्रेम की भाषा है वहीं दूसरी ओर इसे लश्करी भाषा भी कहा जाता है। वास्तव में भारत के संस्कृत से जन्मी हिंदी और उर्दू अलग नहीं है और इसे तो अंग्रेजों ने स्क्रिप्ट अलग-अलग देकर बांट दिया। विशिष्ट अतिथि ऑल इंडिया रेडियो के वरीय उद्घोषक और क्रिकेट के अंतर्राष्ट्रीय कॉमेंटेटर शाहिद अनवर ने कहा कि फिल्मी गानों में नब्बे प्रतिशत उर्दू होती है। हिंदी को बेहतर बनाने के लिए उर्दू का प्रयोग होता है। उर्दू सीखने से उच्चारण ठीक से होता है।
मौके पर डीएसडब्ल्यू डॉ किश्वर आरा, रजिस्ट्रार डॉ. प्रभात कुमार सिंह और प्राॅक्टर डॉ. अविनाश कुमार सिंह ने भी विचार रखे। उर्दू विभाग द्वारा संयोजित कार्यक्रम का संचालन डॉ. रिजवाना परवीन द्वारा किया गया। मानविकी संकाय अध्यक्ष डीन डॉ. सुधीर साहू सहित सभी शिक्षकगण व छात्राएं मौजूद रहीं। इससे पहले कार्यक्रम की शुरुआत उर्दू विभाग की छात्राओं ने इसमें नज्म और गजल पेश की। शगुफ्ता, नाफिया, दरक्सां, मलाइका आदि ने इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

वहीं जमशेदपुर वीमेंस यूनिवर्सिटी में शनिवार को राजनीति विज्ञान विभाग द्वारा राष्ट्रीय संविधान दिवस मनाया गया। आठवें संविधान दिवस को “भारत : लोकतंत्र की जननी” विषय पर केन्द्रित करते हुए मनाया गया। कार्यक्रम के आरंभ में कुलपति प्रो. (डॉ.) अंजिला गुप्ता ने सभी को संविधान की प्रस्तावना की शपथ दिलाई। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि भारत में लोकतंत्र की जड़ें गहरी हैं। वैदिक युग से ही इसका अस्तित्व है। धर्म, राजनीति, अर्थतंत्र और सामाजिक जीवन सभी में लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की गई है। हमारा देश विविधताओं का देश है। विविधता लोकतंत्र की आत्मा है।लोकतंत्र को जीवित रखने में हम सभी के योगदान की जरूरत होती है। सजग मतदान भी लोकतंत्र को मजबूत करता है।

इस अवसर पर छात्रा प्रशंसा तिवारी, पिंकी मंडल, दिव्या कुमारी, कल्पना द्वारा वक्तव्य व्यक्त दिया गया। सौम्या द्वारा कविता की प्रस्तुति की गई। संविधान विषय से संबंधित लघुनाटिका की प्रस्तुति छात्रा कौरवी पात्रा, सौम्या कुमारी, अदिति सिन्हा, उर्मिला, दिव्या, अनुराधा, पार्वती कुमारी, शाइमा, प्रशंसा, कल्पना, सरिता, इन्द्रजीत कौर, निधि मिश्रा ने की। संयोजन विभागाध्यक्ष डॉ. सोनाली सिंह, संचालन छात्रा निधि मिश्रा व धन्यवाद ज्ञापन निधि सिंह ने किया। कुलपति प्रो० (डॉ०) अंजिला गुप्ता के साथ छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. किश्वर आरा, कुलसचिव डॉ. प्रभात कुमार सिंह, प्रॉक्टर डॉ. अविनाश कुमार सिंह सहित सभी संकायाध्यक्ष, विभागाध्यक्ष, शिक्षकगण व छात्राएं उपस्थित थीं।

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