वंदे भारत के ‘रक्षक’ बने प्वाइंट्समैन राजेन: सूझबूझ से टला बड़ा हादसा, DRM ने किया सम्मानित

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्कजमशेदपुर: रफ्तार के लिए मशहूर ‘वंदे भारत एक्सप्रेस’ बीते गुरुवार को एक बड़े हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गई। इस संकट के बीच देवदूत बनकर सामने आए चक्रधरपुर रेल मंडल के एक सजग कर्मचारी— राजेन कच्छप। उनकी पैनी नजर और त्वरित कार्रवाई ने न केवल सैकड़ों यात्रियों की जान बचाई, बल्कि भारतीय रेल को भी एक बड़ी दुर्घटना से उबार लिया।

क्या था पूरा मामला?

​बीती 5 फरवरी को ट्रेन संख्या 20871 वंदे भारत एक्सप्रेस पूरी रफ्तार से सोनुआ स्टेशन से गुजर रही थी। तभी वहां तैनात प्वाइंट्समैन राजेन कच्छप की नजर ट्रेन के तीसरे कोच पर पड़ी। उन्होंने देखा कि पहियों के पास से न सिर्फ घना धुआं निकल रहा है, बल्कि जलने की तेज दुर्गंध भी आ रही है।

​राजेन ने पल भर की भी देरी नहीं की और तुरंत इसे ‘हॉट एक्सल’ (Hot Axle) की गंभीर समस्या के रूप में पहचाना। उन्होंने तत्काल उच्च अधिकारियों और कंट्रोल रूम को इसकी सूचना दी।

समय पर एक्शन, टल गया खतरा

​राजेन की सूचना पर एक्शन लेते हुए ट्रेन को अगले स्टेशन ‘टूनिया’ पर सुरक्षित रूप से रोका गया। वहां तकनीकी टीम ने तत्काल पहिये के पास लगी आग को बुझाया। अगर समय रहते गाड़ी नहीं रुकती, तो घर्षण के कारण पहिया जाम हो सकता था या आग पूरी बोगी में फैल सकती थी।

साहस और सजगता का सम्मान

​राजेन कच्छप की इस असाधारण कर्तव्यनिष्ठा के लिए शुक्रवार को चक्रधरपुर के DRM तरुण हुरिया ने उन्हें सम्मानित किया।

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