दीघा जगन्नाथ मंदिर पर विहिप की याचिका खारिज, हाईकोर्ट ने कहा- दस्तावेज जमा नहीं किए

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क/कोलकाता : कलकत्ता हाईकोर्ट ने दीघा में बंगाल सरकार द्वारा पुरी शैली में निर्मित जगन्नाथ मंदिर के साथ ‘धाम’ शब्द के इस्तेमाल पर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की जनहित याचिका दस्तावेजों के अभाव में खारिज कर दी।

विहिप ने तर्क दिया था कि विश्व में केवल चार धाम हैं-बद्रीनाथ, द्वारका, पुरी और रामेश्वरम-जो हिंदू धार्मिक भावनाओं से जुड़े हैं। दीघा मंदिर के साथ ‘धाम’ जोड़ना अनुचित है और इसे हटाया जाना चाहिए। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश सुजय पाल की खंडपीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता से कई बार दस्तावेज मांगे गए, समय दिया गया, लेकिन जमा नहीं किए गए।

अदालत ने अतिरिक्त अवसर देने से इनकार करते हुए याचिका खारिज की। हालांकि, कोर्ट ने स्पष्ट किया कि विहिप दस्तावेजों के साथ नई याचिका दायर कर सकती है। यह मामला धार्मिक प्रतीकों के व्यावसायिक या सरकारी उपयोग पर बहस को फिर से गरमा सकता है। दीघा मंदिर पर्यटकों के बीच लोकप्रिय है, लेकिन विहिप का कहना है कि इसका नाम हिंदू परंपराओं का अपमान करता है।

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