डिजिटल डेस्क। मिरर मीडिया: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार अब अपने चरम पर है। मुर्शिदाबाद के शमशेरगंज में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री और टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने भाजपा पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला। ममता ने सीधे तौर पर ‘बंगाली अस्मिता’ का कार्ड खेलते हुए चेतावनी दी कि अगर भाजपा सत्ता में आई तो बांग्ला भाषा और बंगाल की संस्कृति का अस्तित्व खत्म हो जाएगा।
बंगाल को गुजरात बनाना चाहती है भाजपा
ममता बनर्जी ने भीड़ को आगाह करते हुए कहा कि यह चुनाव सिर्फ सरकार चुनने का नहीं, बल्कि अपनी मातृभाषा और पहचान को बचाने का है। भाजपा हमारी संस्कृति पर हमला कर रही है। वह बंगाल को गुजरात बनाना चाहते हैं, जहां बांग्ला बोलने वालों के लिए कोई जगह नहीं होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा उत्तर बंगाल को राज्य से अलग करने की साजिश रच रही है।
अमित शाह को ‘मोटाभाई’ कहकर दी चुनौती
ममता ने गृह मंत्री अमित शाह पर सीधा निशाना साधा और उन्हें ‘मोटाभाई’ कहकर संबोधित किया। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची से जानबूझकर लोगों के नाम हटाए जा रहे हैं। ममता ने कहा अगर साहस है तो सामने आकर मुकाबला करें, पर्दे के पीछे से एजेंसियों का खेल न खेलें। मुख्यमंत्री ने तर्क दिया कि अगर मतदाता सूची में घुसपैठियों के नाम थे, तो प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को भी अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए, क्योंकि वे भी उन्हीं मतों के आधार पर जीतकर आए थे।
बड़ा चुनावी दांव: किसानों के लिए अलग बजट
ममता बनर्जी ने सत्ता में वापसी करने पर किसानों के लिए एक मास्टर प्लान की घोषणा की। उन्होंने वादा किया कि तृणमूल सरकार दोबारा आने पर किसानों के लिए 30,000 करोड़ रुपये का अलग बजट पेश किया जाएगा। खेती और किसानों की बेहतरी के लिए विशेष फंड और योजनाओं पर काम होगा।
SIR और चुनाव आयोग पर बरसी ममता
वोटरों के नाम हटाए जाने को लेकर ममता ने लोगों से ‘वोट के जरिए बदला’ लेने की अपील की। उन्होंने चुनाव आयोग द्वारा अधिकारियों के तबादले पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि आयोग भले ही एक महीने के लिए काम रोक दे, लेकिन चुनाव के बाद विकास कार्य फिर से जोर-शोर से शुरू होंगे।
कार्यकर्ताओं को नसीहत: ‘बिकना मत’
रैली के अंत में ममता ने अपने कार्यकर्ताओं और बूथ एजेंटों को अलर्ट रहने के लिए कहा। उन्होंने भावुक अपील करते हुए कहा मुझे उम्मीद है कि बंगाल के हित में हमारा कोई भी एजेंट भाजपा के हाथों खुद को नहीं बेचेगा।

