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मणिपुर में फिर भड़की हिंसा : तीन शव मिलने के बाद प्रदर्शन, कर्फ्यू और इंटरनेट सेवाएं बंद

राज्य में हिंसा का नया दौर

मणिपुर में बीते एक साल से जारी हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। शनिवार को जिरीबाम जिले में छह लापता व्यक्तियों में से तीन के शव मिलने के बाद हिंसा फिर से भड़क उठी। शवों की बरामदगी के बाद प्रदर्शनकारियों ने जमकर विरोध किया, जिससे हालात बेकाबू हो गए। प्रदर्शनकारियों ने तीन मंत्रियों और छह विधायकों के आवासों में घुसकर तोड़फोड़ और आगजनी की।

कर्फ्यू और इंटरनेट सेवाएं निलंबित

स्थिति को काबू में लाने के लिए राज्य सरकार ने सात जिलों में अनिश्चितकाल के लिए कर्फ्यू लागू कर दिया और कई क्षेत्रों में इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दीं। प्रभावित जिलों में इंफाल पूर्व, इंफाल पश्चिम, बिष्णुपुर, थौबल और काकचिंग शामिल हैं।

मुख्यमंत्री के दामाद समेत नेताओं के आवासों पर हमला

प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के दामाद समेत छह विधायकों के घरों पर हमला किया। कुछ रिपोर्ट्स में मुख्यमंत्री के निजी आवास पर भी हमले की खबरें सामने आई हैं। पुलिस ने हिंसा रोकने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया। जिन मंत्रियों के आवासों पर हमला हुआ, उनमें सपम रंजन, एल सुसिंड्रो सिंह और वाई खेमचंद के नाम प्रमुख हैं।

अफ्स्पा की पुन: लागू करने पर विवाद

इस बीच, राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से अफ्स्पा (सशस्त्र बल विशेष अधिकार अधिनियम) को फिर से लागू करने पर पुनर्विचार करने की मांग की है। गृह मंत्रालय ने हाल ही में 14 नवंबर को मणिपुर के छह थानाक्षेत्रों में अफ्स्पा लागू किया था। राज्य सरकार ने इसे वापस लेने के लिए केंद्र को पत्र लिखा है, जिसमें कहा गया है कि जनहित में इस अधिसूचना की समीक्षा की जाए।

शवों की बरामदगी और प्रदर्शन की शुरुआत

शुक्रवार रात जिरीबाम जिले में मणिपुर-असम सीमा के पास जिरी और बराक नदियों के संगम से तीन शव बरामद किए गए। शवों की पहचान लापता मैतेई समुदाय के व्यक्तियों के रूप में की गई। इसके बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया और बड़े पैमाने पर प्रदर्शन शुरू हो गए।

अफ्स्पा लागू करने का कारण

केंद्र सरकार ने हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अफ्स्पा को फिर से लागू किया था। यह अधिनियम सुरक्षा बलों को व्यापक अधिकार देता है, लेकिन इसका स्थानीय स्तर पर भारी विरोध हो रहा है। राज्य प्रशासन ने इसे हटाने की मांग करते हुए इसे जनहित के खिलाफ बताया है।

स्थिति गंभीर, समाधान की जरूरत

मणिपुर में लगातार बढ़ती हिंसा और अशांति ने प्रशासन और स्थानीय जनता के बीच तनाव को और बढ़ा दिया है। राज्य सरकार और केंद्र के बीच अफ्स्पा को लेकर चल रही खींचतान ने स्थिति को और जटिल बना दिया है। वर्तमान हालातों को देखते हुए राज्य में शांति स्थापना और स्थानीय समुदायों के विश्वास बहाली के लिए सख्त और कारगर कदम उठाने की जरूरत है।

KK Sagar
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