डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: झारखंड के आगामी चुनावों और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को और अधिक सटीक बनाने की दिशा में निर्वाचन विभाग ने कमर कस ली है। मंत्रिमंडल (निर्वाचन) विभाग, रांची के निर्देश के अनुसार मतदाता सूची के ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ को लेकर एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम घाटशिला के जगदीश चन्द्र उच्च विद्यालय स्थित आशा ऑडिटोरियम में संपन्न हुआ, जहां जमीनी स्तर पर काम करने वाले BLO और उनके सुपरवाइजरों को तकनीकी बारीकियों से रूबरू कराया गया।
तीन विधानसभा क्षेत्रों पर विशेष फोकस
पूर्वी सिंहभूम की उप निर्वाचन पदाधिकारी प्रियंका सिंह ने इस प्रशिक्षण सत्र की कमान संभाली। उन्होंने मुख्य रूप से 44-बहरागोड़ा, 45-घाटशिला, 46-पोटका (डुमरिया प्रखण्ड क्षेत्र सहित) क्षेत्रों के कर्मियों को प्रशिक्षित किया।
तकनीकी बारीकियों और मैपिंग पर जोर
इस बार का पुनरीक्षण केवल नाम जोड़ने या हटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे तकनीकी रूप से अधिक ‘त्रुटिहीन’ बनाने पर जोर दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान प्रियंका सिंह ने इन प्रमुख बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी दी।
नोशनल मकान संख्या और स्टीकर: घरों की सही पहचान और मार्किंग सुनिश्चित करना।
ASDD (Absent, Shifted, Dead, Duplicate): फर्जी या अनुपस्थित मतदाताओं की पहचान कर सूची को साफ करना।
Logical Discrepancy: डेटा में मौजूद तार्किक विसंगतियों को दूर करना।
SIR 2003 के साथ Mapping: भौगोलिक सूचना प्रणाली के आधार पर मतदाताओं की सटीक मैपिंग।
इस गहन पुनरीक्षण का उद्देश्य एक ऐसी मतदाता सूची तैयार करना है, जिसमें किसी भी तरह की गड़बड़ी न हो और हर पात्र नागरिक का नाम सही ढंग से दर्ज हो।

