बिहार मे मौसम का मिजाज बिगड़ने वाला है। प्रदेश में चिलचिलाती धूप और लू के थपेड़ों के बीच बादलों ने डेरा डाल लिया है। पश्चिमी विक्षोभ और कई राज्यों में उठ रहे चक्रवात का असर बिहार के मौसम पर दिखने लगा है। आज तेज हवा और बारिश का दौर शुरू हो जाएगा। लेकिन 8 अप्रैल को मौसम ज्यादा बिगड़ेगा। खासतौर से नॉर्थ ईस्ट बिहार, नॉर्थ सेंट्रल और नॉर्थ वेस्ट बिहार में 8 अप्रैल को आंधी-बारिश और ओले पड़ने वाले हैं।
तापमान में करीब 3 से 4 डिग्री तक की गिरावट
बिहार के अलग-अलग जिलों में रविवार शाम से ही मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। सोमवार को पश्चिम चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, बांका और जमुई सहित कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ बादल छाए रहे और कहीं-कहीं हल्की बारिश जैसी स्थिति भी बन गई। इस वजह से तापमान में करीब 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई। इस बदलाव से लोगों को गर्मी से काफी राहत मिली। अब मौसम बेहद ही सुहाना हो गया है।
50 से 60 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने राज्य के लोगों के लिए एक बड़ी चेतावनी जारी की है, जिसमें अगले तीन से चार दिनों तक मौसम के विकराल रूप धारण करने की आशंका जताई गई है। बिहार के आसमान में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाएं और गरज-चमक के साथ बारिश आपका रास्ता रोक सकती हैं। मंगलवार सुबह से ही पटना समेत राज्य के कई हिस्सों में ठंडी हवाओं ने दस्तक दे दी है।
12 जिलों में ओला गिरने का ऑरेंज अलर्ट
8 अप्रैल को मौसम का प्रभाव सबसे ज्यादा देखने को मिल सकता है। उत्तर बिहार के पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, सुपौल, अररिया, किशनगंज और पूर्णिया जिलों में ओला गिरने की संभावना है। इन 12 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग ने किया सतर्क
वहीं 9 अप्रैल को भी अधिकांश जिलों में बारिश, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने का अनुमान है। इन इलाकों में न केवल भारी बारिश होगी, बल्कि बड़े आकार के ओले गिरने की भी संभावना है। ठनका का खतरा इतना अधिक है कि प्रशासन ने लोगों को खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे शरण न लेने की सख्त हिदायत दी है।
अप्रैल में क्यों बदला मौसम का मिजाज?
मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमीयुक्त हवाओं ने के परस्पर प्रभाव के चलते बिहार एवं इसके आसपास के क्षेत्रों के ऊपर बारिश के लिए अनुकूल मौसमी हालात बन रहे हैं। इसके साथ ही, क्षेत्र में सक्रिय चक्रवातीय परिसंचरण ऐसा असर दिखा रहा है कि वायुमंडल में अस्थिरता आ गई है। वायुमंडल में बनी इन परिस्थितियों के चलते आने वाले 3 से 4 दिनों के दौरान बिहार के अधिकांश भागों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चलेंगी। बादल गरजेंगे और बिराश के साथ वज्रपात भी होगा।
कब मिलेगी बारिश से राहत?
मौसम विभाग ने जो 7 दिनों का अलर्ट जारी किया है। उसके मुताबिक 9 अप्रैल तक आंधी-बारिश का दौर चलता रहेगा। इसके बाद मौसम साफ हो जाएगा। 10, 11 और 12 अप्रैल को बारिश का कोई अलर्ट नहीं है और चटक धूप निकलने वाली है। 12 अप्रैल तक तापमान 36 डिग्री तक भी जा सकता है।

