डिजिटल डेस्क। मिरर मीडिया: सांसद और लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई ने शुक्रवार को लोकसभा में जनगणना को लेकर केंद्र सरकार पर जमकर कर हमला बोला और इसको जल्द से जल्द कराने की मांग की।
इसके लिए उन्होंने सरकार को एक स्पष्ट समयसीमा बताने के लिए स्थगन प्रस्ताव नोटिस दिया।
जनगणना एक मौलिक अभ्यास: गोगोई
स्थगन प्रस्ताव नोटिस में गोगोई ने कहा कि मैं सदन की कार्यवाही स्थगित करने के लिए एक प्रस्ताव लाने की अनुमति मांगने के अपने इरादे की सूचना देता हूं, इसका मकसद तत्काल महत्व के एक निश्चित मामले पर चर्चा करना है। जनगणना एक मौलिक अभ्यास है जो नीति निर्माण, संसाधन आवंटन और हमारे देश के सामाजिक-आर्थिक ताने-बाने को समझने के लिए महत्वपूर्ण डेटा प्रदान करता है।
गोगोई ने सरकार पर जमकर बोला हमला
कांग्रेस नेता ने कहा कि पिछली जनगणना 2011 में की गई थी। सरकार के बार-बार आश्वासन के बावजूद भी अगली जनगणना शुरू करने में बेवजह देरी हो रही है।
उन्होंने कहा कि समय पर और सटीक जनगणना के आंकड़ों का नहीं होना सरकार के निर्णय लेने की क्षमता के लिए एक बड़ी चुनौती है। जनसंख्या जनसांख्यिकी, साक्षरता दर, गरीबी के स्तर और अन्य महत्वपूर्ण संकेतकों की स्पष्ट समझ के बिना, लोगों की दबावपूर्ण जरूरतों को पूरा करना बेहद मुश्किल हो जाता है।
150 देशों ने कोरोना महामारी के दौरान पूरी की जनगणना
कांग्रेस सांसद ने आगे कहा कि संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष के वैश्विक जनगणना ट्रैकर के मुताबिक, 150 देशों ने 2020 और 2021 में अपनी जनगणना गणना करने का कार्यक्रम बनाया था। इसमें चीन, बांग्लादेश, नेपाल आदि सहित 94 देशों ने कोरोना महामारी के दौरान अपनी जनगणना पूरी कर ली। वहीं, 52 देशों ने जनगणना को नई तारीख तय करने तक स्थगित कर दिया था। भारत उन तीन देशों में शामिल है, जिन्होंने बिना नई तारीख के जनगणना को स्थगित कर दिया है।
आंकड़ों के बिना जनसंख्या की वर्तमान जरूरतों समझना बेहद मुश्किल: कांग्रेस नेता
सांसद गौरव गोगोई ने आगे कहा कि सरकार की निर्णय प्रक्रिया वर्तमान में 2011 के आंकड़ों पर आधारित है। यह भारत की जनसंख्या की वर्तमान जरूरतों का सटीक प्रतिनिधित्व नहीं है।
यहां पढ़े अन्य खबरें–
- खबरें और भी हैं mirrormedia.co.in पर सीधे भी जाकर पढ़ सकते हैं, आप हमसे जुड़ सकते हैं Facebook, Instagram, X अपने सुझाव या खबरें हमें mirrormedia2019@gmail.com पर भेजें।